औरंगाबाद : मदनपुर में आज भी सड़क का इंतजार, मरीजों को खाट पर और बच्चे पगडंडी से जाते हैं स्कूल

औरंगाबाद जिले के मदनपुर प्रखंड के बनिया पंचायत स्थित नगमतिया भुईयां बिगहा महादलित टोला के लोग आज भी सड़क जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित हैं. कब्रिस्तान से टोले तक सड़क न होने से ग्रामीणों को खेत की पगडंडी का सहारा लेना पड़ता है, जिसे लेकर कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष संजीव कुमार सिंह ने डीएम और डीडीसी को पत्र लिखकर सड़क निर्माण की मांग की है.

औरंगाबाद के मदनपुर प्रखंड अंतर्गत बनिया पंचायत के नगमतिया स्थित भुईयां बिगहा महादलित टोला के ग्रामीण आज भी मूलभूत सुविधाओं के भारी अभाव में अपना जीवन गुजारने को विवश हैं. करीब 500 की आबादी वाले इस टोले तक नगमतिया कब्रिस्तान से कोई संपर्क सड़क नहीं होने के कारण ग्रामीणों को रोजाना खेतों के आड़ से होकर बनी संकीर्ण पगडंडी के सहारे ही आवागमन करना पड़ता है. स्थिति यह है कि इस मार्ग पर संपर्क सड़क न होने के कारण टोले तक चारपहिया वाहन तो दूर, एम्बुलेंस का पहुंचना भी नामुमकिन है.

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, देश की आजादी के इतने दशकों बाद भी भुईयां बिगहा महादलित टोला में विकास की समुचित किरण नहीं पहुंच सकी है. संपर्क सड़क का न होना सबसे अधिक कष्टदायक बरसात के दिनों में साबित होता है. बारिश के बाद यह कच्चा रास्ता पूरी तरह कीचड़युक्त और दुर्गम हो जाता है, जिससे छोटे-छोटे बच्चों को स्कूल आने-जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है.

इसके अलावा, यदि इस टोले में कोई ग्रामीण अचानक बीमार पड़ जाए, तो उसे अस्पताल पहुंचाने के लिए खाट पर लिटाकर इसी पगडंडी के रास्ते मुख्य मार्ग तक ले जाना पड़ता है. आपातकालीन स्थिति में यह समस्या और भी अधिक गंभीर रूप धारण कर लेती है.

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण को लेकर उन्हें लंबे समय से आश्वासन मिल रहा है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका है. सरकारी स्तर पर विकास के दावे किए जाने के बावजूद टोले तक पक्की सड़क न पहुंचने से लोगों में गहरा रोष और निराशा व्याप्त है.

कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष ने अधिकारियों को भेजा ईमेल आवेदन

इस गंभीर समस्या को उठाते हुए कांग्रेस के प्रखंड अध्यक्ष संजीव कुमार सिंह ने औरंगाबाद के जिला पदाधिकारी (DM) और उप विकास आयुक्त (DDC) को ईमेल के माध्यम से एक औपचारिक आवेदन भेजा है. उन्होंने नगमतिया कब्रिस्तान से भुईयां बिगहा महादलित टोला तक संपर्क सड़क के अभाव की उच्चस्तरीय जांच कराने की पुरजोर मांग की है.

Also Read : औरंगाबाद में 1 अक्टूबर से दूध का भाव 66 रुपये लीटर होगा, पशुपालक संघ ने लिया फैसला

संजीव कुमार सिंह ने कहा कि प्रशासनिक तंत्र को तुरंत स्थल पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति की गहन जांच करानी चाहिए और किसी उपयुक्त सरकारी योजना के तहत जल्द से जल्द संपर्क सड़क का निर्माण कराया जाना चाहिए, ताकि इस महादलित टोले के लोगों को इस नारकीय जीवन से मुक्ति मिल सके.

पक्की सड़क के बन जाने से बच्चों की पढ़ाई लिखाई, बीमार मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने और ग्रामीणों की रोजमर्रा की आवाजाही बेहद आसान हो जाएगी.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By विनय सिंह

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >