बुनियादी सुविधाओं का टोटा, गंदे पानी से सड़क बनी दलदल

वार्ड पांच के कदम तल मोहल्ले में वर्षों से नाला निर्माण की मांग, अब आंदोलन की चेतावनी

वार्ड पांच के कदम तल मोहल्ले में वर्षों से नाला निर्माण की मांग, अब आंदोलन की चेतावनी

प्रतिनिधि, दाउदनगर.

शहर में तेजी से हो रहे आवासीय विस्तार के बीच बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी उजागर हो रही है़ नगर पर्षद क्षेत्र के कई वार्ड आज भी सड़क, नाली और जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं. स्थिति यह है कि लोग अपने घरों के आगे गड्ढा खोदकर उसी में गंदा पानी बहा रहे हैं. जब यह गड्ढा भर जाता है, तो पानी मुख्य सड़क पर बहने लगता है, जिससे आवागमन बाधित होता है और बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है. सबसे बुरी स्थिति वार्ड पांच के अंतर्गत कदम तल इलाके की है, जो दाउदनगर-बारुण मुख्य मार्ग पर स्थित है. यह मार्ग शहर को ओबरा, बारुण, नासरीगंज व एनएच 139 से जोड़ता है. प्रतिदिन बड़ी संख्या में आमजन, अधिकारी व जनप्रतिनिधि इस मार्ग से गुजरते हैं, लेकिन बदहाल स्थिति की अनदेखी की जा रही है.

2018 से उठ रही है मांग, अब तक नहीं बनी नाली

स्थानीय लोगों के अनुसार, वर्ष 2018 से ही इलाके में नाले के निर्माण की मांग की जा रही है. कई बार मुख्य पार्षद एवं कार्यपालक पदाधिकारी (इओ) द्वारा स्थल निरीक्षण भी किया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई. पार्षद बसंत कुमार ने बताया कि कब्रिस्तान से लेकर श्री चौधरी के घर तक नाला निर्माण अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने हाल ही में एक बार फिर इस मांग को लेकर मुख्य पार्षद व इओ से मुलाकात की है. पार्षद का आरोप है कि नगर पर्षद की बोर्ड बैठकों में इस नाले के निर्माण के लिए कई बार प्रस्ताव पारित किया गया, मापी भी करायी गयी, लेकिन कार्रवाई ठप है. उन्होंने सवाल उठाया कि जब अन्य वार्डों में बड़े पैमाने पर विकास कार्य कराये जा रहे हैं, तो उनके वार्ड को लगातार क्यों नजरअंदाज किया जा रहा है. पार्षद ने आरोप लगाया कि जिन वार्डों के पार्षद सत्ता पक्ष के विरोधी माने जाते हैं, उन्हें जानबूझकर विकास योजनाओं से वंचित रखा जा रहा है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही इस दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं की गयी, तो आम जनता के साथ मिलकर आंदोलन किया जायेगा.

बढ़ रही बीमारी की आशंका

स्थानीय लोगों ने बताया कि मॉनसून की शुरुआत हो चुकी है और गंदा पानी खुले में जमा हो रहा है. इससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा मंडरा रहा है. स्थिति और गंभीर हो सकती है यदि समय रहते उचित जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गयी.

क्या बोले इओ

कार्यपालक पदाधिकारी ऋषिकेश अवस्थी ने कहा कि बुडको (BUIDCO) के अधिकारियों द्वारा स्थल की मापी किये जाने की जानकारी मिली है. यदि किसी विभाग द्वारा नाला निर्माण की प्रक्रिया नहीं चलायी जा रही होगी, तो नगर पर्षद स्वयं नाला निर्माण करायेगी.

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By Sujit kumar

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