Aurangabad News : कुटुंबा प्रखंड के सूखाग्रस्त दक्षिणी क्षेत्र के परता, डुमरी और बलिया पंचायत सहित दर्जनों गांवों तक सिंचाई का पानी पहुंचाने के लिए लघु सिंचाई विभाग ने लिफ्ट सिंचाई योजना पर पहल तेज कर दी है. विधान पार्षद दिलीप कुमार सिंह के प्रयास से शुरू हुई इस कवायद से सूखे की मार झेल रहे किसानों में उम्मीद जगी है.
किसानों की मांग पर शुरू हुई पहल
विधान पार्षद दिलीप कुमार सिंह ने बताया कि पिछले कई महीनों से किसान सिंचाई संकट को लेकर लगातार मांग कर रहे थे. इसके बाद विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर लिफ्ट सिंचाई योजना के माध्यम से खेतों तक पानी पहुंचाने की संभावनाओं पर विचार किया गया. बैठक में प्रस्ताव तैयार करने और स्थल निरीक्षण कराने का निर्णय लिया गया.
विभागीय टीम ने किया स्थल निरीक्षण
योजना के क्रियान्वयन को लेकर दिलीप कुमार सिंह के नेतृत्व में लघु सिंचाई विभाग की टीम ने प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया. टीम में विभाग के एसडीओ गौरव कुमार सहित अन्य अधिकारी शामिल थे. निरीक्षण के दौरान तकनीकी पहलुओं की समीक्षा की गई और यह आकलन किया गया कि कम समय में अधिक से अधिक किसानों तक सिंचाई सुविधा कैसे पहुंचाई जाए. एसडीओ ने बताया कि योजना का प्रारंभिक नक्शा तैयार हो चुका है और आवश्यक स्वीकृतियों के बाद कार्य शुरू कराया जाएगा.
हड़ियाही परियोजना ठप, किसानों की बढ़ी परेशानी
दक्षिणी कुटुंबा की सिंचाई व्यवस्था वर्षों से हड़ियाही सिंचाई परियोजना पर निर्भर रही है, लेकिन झारखंड के गुलाबझरी गांव के समीप डैम के फाटक की वेल्डिंग और अंतरराज्यीय विवाद के कारण यह परियोजना लंबे समय से ठप है. इसके चलते हजारों एकड़ कृषि भूमि सिंचाई से वंचित है. इस मुद्दे को लेकर पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह और विधायक ललन राम भी सरकार का ध्यान आकर्षित कर चुके हैं, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है.
बटाने नदी से खेतों तक पहुंचेगा पानी
किसान संघर्ष समिति के नेता अशोक कुमार सिंह ने बताया कि तत्काल राहत के लिए लिफ्ट सिंचाई योजना सबसे बेहतर विकल्प है. योजना के तहत जगदीशपुर गांव के समीप बटाने नदी पर अस्थायी बांध बनाकर पानी संग्रहित किया जाएगा. इसके बाद करीब एक किलोमीटर तक लिफ्ट सिंचाई प्रणाली से पानी भलवाड़ी वितरणी तक पहुंचाया जाएगा. वहां से बेलाई माइनर और बलिया माइनर के जरिए खेतों तक सिंचाई की व्यवस्था होगी. इसके लिए बंद पड़ी नहरों और माइनरों की मरम्मत भी कराई जाएगी.
सीमा सत्यापन के बाद शुरू होगी प्रक्रिया
एसडीओ गौरव कुमार ने बताया कि फिलहाल यह सत्यापित किया जा रहा है कि प्रस्तावित योजना पूरी तरह बिहार की सीमा में है या उसका कोई हिस्सा झारखंड में पड़ता है. इसके लिए अंचल अधिकारी से एनओसी और सीमा संबंधी रिपोर्ट मांगी गई है. रिपोर्ट मिलने के बाद विभाग आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी कर योजना को धरातल पर उतारेगा. निरीक्षण के दौरान किसान संघर्ष समिति के नेता एवं पूर्व मुखिया अशोक कुमार सिंह, भाजपा संडा मंडल अध्यक्ष विजय सिंह, भाजपा नेता चंदन तिवारी, सुभाष मिश्रा सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे. किसानों ने उम्मीद जताई कि योजना समय पर लागू होने से उनकी फसल बच सकेगी और क्षेत्र की वर्षों पुरानी सिंचाई समस्या का समाधान होगा.
