मांगों को लेकर होमगार्ड जवानों ने सरकार के खिलाफ दिया धरना

मांगे नहीं मानी गयी तो चरणबद्ध आंदोलन की दी धमकी

मांगे नहीं मानी गयी तो चरणबद्ध आंदोलन की दी धमकी

औरंगाबाद ग्रामीण. शहर के दानी बिगहा स्थित सत्येंद्र नारायण सिन्हा पार्क के समीप होमगार्ड के जवानों ने 21 मांगों को लेकर धरना दिया. यह धरना बिहार रक्षा वाहिनी स्वयंसेवक संघ के बैनर तले दिया गया. अध्यक्षता जिलाध्यक्ष रामाकांत सिंह ने की. रामाकांत सिंह ने कहा कि बिहार सरकार होमगार्ड के जवानों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है. सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट द्वारा फैसला दिये जाने के बाद भी मांगों को पूरी नहीं कर रही है. सभी होमगार्ड जवान पुलिस के साथ कंधा से कंधा मिलाकर काम करते है. इसके बावजूद बिहार सरकार सौतेला व्यवहार कर रही है. पिछले सात वर्षों से होमगार्ड के जवानों का वेतन नहीं बढ़ाया गया. वर्तमान में जो वेतन दिया जाता है, उसमें भी कटौती कर ली जाती है. कहा कि अगर कोई भी जवान ड्यूटी के दौरान कुछ समय के लिए इधर-उधर चला जाये और वह अनुपस्थित पाया जाता है तो उसका वेतन काट लिया जाता है. इसके साथ ही महिला होमगार्ड जवानों के साथ भी बिहार सरकार अनदेखी कर रही है. अन्य राज्यों में होमगार्ड के जवानों को सभी प्रकार की सुविधा दी गयी है, लेकिन बिहार होमगार्ड के जवानों को कोई सुविधा नहीं प्रदान की जा रही है. 21 मांगों में सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट ने आठ सूत्री मांगों को पारित किया है. बिहार होमगार्ड की डीजी ने भी आठ मांगों को जायज बताया है. इसके बावजूद भी बिहार सरकार द्वारा पूरा नहीं किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय दिल्ली एवं उच्च न्यायालय पटना द्वारा पूरे देश के गृह रक्षकों को देखते हुए उनके हित में आदेश दिया गया है कि सभी ग्रह रक्षकों को समान काम का समान वेतन एवं सुविधा मुहैया कराई जाये. अगर जल्द ही सरकार इस पर निर्णय नही लेती है तो सभी जवान गोली -बंदूक रखकर बिहार सरकार के खिलाफ चरणबद्ध तरीके से आंदोलन करेंगे.

क्या है जवानों की मांग

महंगाई को देखते हुए होमगार्ड के जवानों की दैनिक भत्ता में बढ़ोतरी की जाये. गृह रक्षक एवं गृह रक्षिकाओं को प्रत्येक माह कम से कम पांच दिन का अवकाश दिया जाये. बिहार के महिला गृह रक्षकों को विशेष अवकाश व मातृत्व अवकाश देने की घोषणा की जाये. गृह रक्षकों की सेवानिवृत्ति के उपरांत मिलने वाले जीवन यापन भत्ते को डेढ़ लाख रुपये से बढाकर पांच लाख किया जाये. गृह रक्षकों को कर्तव्य अवधि में मृत्यु उपरांत अनुग्रह अनुदान की मिलने वाली राशि को चार लाख रुपये से बढाकर 10 लाख रुपये की जाये. इसके साथ ही प्रत्येक वर्ष सभी होमगार्ड के जवानों को वर्दी भत्ता दी जाये. बाल गृह रक्षक एवं बाल गृह रक्षिका को अनुकंपा का लाभ मिले. कर्तव्य अवधि में इलाजरत गृह रक्षक एवं गृह रक्षिकाओं को दैनिक भत्ता का भुगतान किया जाये.

धरना में इनकी रही भगीदारी

जिला प्रवक्ता विजय पांडेय, उप सचिव हृदयानंद सिंह, भीम सिंह, जयंत कुमार सिंह, प्रमोद कुमार सिंह, अशोक पांडेय, राम प्रवेश पासवान, आलोक कुमार सिंह, अरुण कुमार सिंह, अजय कुमार सिंह, संजय कुमार, मुकेश कुमार, नंदलाल प्रसाद, रामरूप प्रसाद, रविंद्र कुमार सिंह, पप्पू कुमार, मिथिलेश कुमार यादव, श्रीकांत कुमार, रविंद्र पासवान, गजेंद्र कुमार आदि होमगार्ड के जवान मौजूद थे.

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By Sujit kumar

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