Aurangabad News : स्वास्थ्य विभाग ने राज्यभर में बड़े पैमाने पर चिकित्सकों का तबादला करते हुए नई पदस्थापन सूची जारी की है. इस फेरबदल का असर औरंगाबाद जिले पर भी पड़ा है. जिले से कुल छह चिकित्सकों का स्थानांतरण किया गया है. हालांकि इनमें डॉ देवाश्री का तबादला जिले के भीतर ही किया गया है. वे पहले से औरंगाबाद जिले में कार्यरत थीं और प्रतिनियुक्ति पर कई वर्षों से सदर अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रही थीं. अब उन्हें पीएचसी जम्होर में पदस्थापित किया गया है. वहीं पांच अन्य चिकित्सकों का दूसरे जिलों में स्थानांतरण हुआ है. दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग ने बाहर से दो चिकित्सकों की सदर अस्पताल, औरंगाबाद में तैनाती की है.
छह चिकित्सकों का हुआ स्थानांतरण
जानकारी के अनुसार देव प्रखंड के एपीएचसी दुलारे में पदस्थापित डॉ राघव रंजन का स्थानांतरण जहानाबाद जिले के घोसी स्थित एपीएचसी कोबरा में किया गया है. सीएचसी रफीगंज की डॉ प्रियंका को गयाजी के जयप्रकाश नारायण अस्पताल भेजा गया है. एपीएचसी पेमा, गोह की डॉ देवाश्री को पीएचसी जम्होर में पदस्थापित किया गया है. एपीएचसी जम्होर के डॉ अजीत कुमार का तबादला जहानाबाद जिले के सिकरिया पीएचसी में किया गया है. एपीएचसी बालूगंज की डॉ अंजना शिवेश को सारण जिले के सीएचसी अमनौर भेजा गया है. सदर अस्पताल में कार्यरत डॉ एसएम शहजाद मकबूल का स्थानांतरण मधुबनी जिले के पीएचसी रहिका में किया गया है.
सदर अस्पताल को मिले दो नए चिकित्सक
स्वास्थ्य विभाग ने बाहर से दो चिकित्सकों की तैनाती भी की है. पटना के गुरु गोविंद सिंह सदर अस्पताल से डॉ गौतम कुमार को सदर अस्पताल, औरंगाबाद भेजा गया है. इसके अलावा मुजफ्फरपुर जिले के एपीएचसी गोपालपुर में कार्यरत डॉ सुजीत मनोहर का भी स्थानांतरण सदर अस्पताल, औरंगाबाद किया गया है. इन दोनों चिकित्सकों के आने से अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था को कुछ मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.
डॉ देवाश्री के स्थानांतरण से मरीजों में मायूसी
डॉ देवाश्री पिछले कई वर्षों से प्रतिनियुक्ति पर सदर अस्पताल में कार्यरत थीं. उन्होंने अपनी बेहतर चिकित्सा सेवा और मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार से लोगों का भरोसा जीता था. प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज उनके पास इलाज के लिए पहुंचते थे. अब उनके पीएचसी जम्होर में स्थानांतरण से सदर अस्पताल आने वाले मरीजों में मायूसी है. लोगों का कहना है कि उनकी कमी अस्पताल में निश्चित रूप से महसूस की जाएगी.
विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी बनी बड़ी चुनौती
सदर अस्पताल पहले से ही विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा है. करीब छह माह पहले हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ विकास कुमार सिंह के इस्तीफे के बाद से हड्डी एवं नस संबंधी मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. विशेषज्ञ चिकित्सक के अभाव में कई मरीजों को रेफर करना पड़ता है, जबकि दिव्यांगता प्रमाण-पत्र बनाने का कार्य भी प्रभावित हो रहा है. एक्स-रे रिपोर्ट मिलने में देरी और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं में भी समय-समय पर बाधाएं आती रही हैं. ऐसे में पांच चिकित्सकों के जिले से बाहर जाने के बाद लोगों की चिंता और बढ़ गई है. हालांकि दो नए चिकित्सकों की तैनाती से कुछ राहत मिलने की उम्मीद जरूर है, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी अब भी स्वास्थ्य व्यवस्था के सामने बड़ी चुनौती बनी हुई है.
दंत रोग विभाग की सेवाएं हुईं प्रभावित
सदर अस्पताल में पदस्थापित दंत रोग विशेषज्ञ डॉ एसएम शहजाद मकबूल का स्थानांतरण मधुबनी जिले के पीएचसी रहिका कर दिया गया है. उनके स्थानांतरण के बाद सदर अस्पताल में दंत रोगियों के इलाज पर प्रतिकूल असर पड़ने लगा है. फिलहाल उनके स्थान पर किसी अन्य दंत चिकित्सक की पदस्थापना नहीं की गई है, जिससे दांत संबंधी उपचार की व्यवस्था लगभग ठप हो गई है. जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य विभाग ने कई विभागों के चिकित्सकों का तबादला तो कर दिया, लेकिन उनके स्थान पर नए चिकित्सकों की तैनाती नहीं की गई है. इससे पहले से चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे सदर अस्पताल की स्थिति और गंभीर हो गई है. मरीजों को इलाज के लिए निजी क्लीनिकों का सहारा लेना पड़ रहा है या फिर दूसरे जिलों के अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है.
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