Aurangabad News : सरकार छात्राओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही है और ‘बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ’ का संदेश देकर बालिकाओं को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है. वहीं, दाउदनगर के राजकीयकृत बालिका इंटर स्कूल में प्लस टू स्तर की पढ़ाई की सुविधा होने के बावजूद इंटरमीडिएट विज्ञान संकाय में छात्राओं के लिए सीटों की संख्या कम होने का मामला सामने आया है. इस समस्या को लेकर राजकीयकृत बालिका इंटर स्कूल प्रबंध समिति के सदस्य नीरज गुप्ता ने ओबरा विधायक डॉ. प्रकाश चंद्र को पत्र लिखकर ध्यान आकृष्ट कराया है.
विज्ञान संकाय में मात्र 217 सीटें, छात्राओं को परेशानी
नीरज गुप्ता ने बताया कि बालिका इंटर स्कूल में विज्ञान संकाय में इंटरमीडिएट में नामांकन के लिए मात्र 217 सीटें निर्धारित हैं. सीटों की संख्या कम होने के कारण बड़ी संख्या में गरीब और मेधावी छात्राओं को विज्ञान विषय से इंटरमीडिएट की पढ़ाई करने का अवसर नहीं मिल पा रहा है. इससे उनकी उच्च शिक्षा और भविष्य की संभावनाएं प्रभावित हो रही हैं.
उन्होंने कहा कि दाउदनगर क्षेत्र में विज्ञान संकाय में पढ़ाई करने वाली छात्राओं की संख्या काफी अधिक है. सरकारी स्कूल में सीमित सीट होने के कारण अनेक छात्राओं को नामांकन से वंचित होना पड़ता है. खासकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की छात्राओं के लिए यह समस्या गंभीर बनी हुई है.
निजी संस्थानों की फीस गरीब परिवारों के लिए बनी बाधा
नीरज गुप्ता ने कहा कि निजी कॉलेजों में विज्ञान संकाय में अपेक्षाकृत अधिक सीटें उपलब्ध हैं, लेकिन वहां अधिक शुल्क लिए जाने की शिकायतें मिलती रहती हैं. ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की छात्राओं के लिए निजी संस्थानों में नामांकन कराना आसान नहीं है.
उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालय में विज्ञान संकाय की सीटें कम और निजी संस्थानों में अधिक होने से आर्थिक रूप से कमजोर छात्राओं के साथ अन्याय की स्थिति उत्पन्न हो रही है. सरकार बालिकाओं को शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही है. ऐसे में सरकारी शिक्षण संस्थानों में पर्याप्त सीटें उपलब्ध कराना भी जरूरी है.
विधानसभा और शिक्षा विभाग में मुद्दा उठाने का अनुरोध
नीरज गुप्ता ने विधायक डॉ. प्रकाश चंद्र से इस जनहित के मुद्दे को विधानसभा और शिक्षा विभाग के समक्ष उठाने तथा राजकीयकृत बालिका इंटर स्कूल में विज्ञान संकाय की सीटों में वृद्धि कराने का अनुरोध किया है.
उन्होंने उम्मीद जताई कि सीटों की संख्या बढ़ने से क्षेत्र की अधिक संख्या में गरीब और मेधावी छात्राओं को विज्ञान विषय से इंटरमीडिएट की पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा. इससे छात्राओं के लिए उच्च शिक्षा का मार्ग भी सुगम होगा और सरकार के बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य को भी मजबूती मिलेगी.
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