गेहूं की नयी किस्म की खेती करें किसान

सिरिस केविके में कार्यक्रम का आयोजन, किसानों को मिली तकनीकी जानकारी

औरंगाबाद शहर. सिरिस कृषि विज्ञान केंद्र में बुधवार को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) की 21वीं किस्त के लाइव प्रसारण का आयोजन किया गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के किसानों के खातों में 18 हजार करोड़ की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से हस्तांतरित की. साथ ही दक्षिण भारत प्राकृतिक खेती सम्मेलन 2025 का भी शुभारंभ किया गया. कार्यक्रम में केविके औरंगाबाद के सभी वैज्ञानिकों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया. बड़ी संख्या में किसानों ने भी उपस्थित होकर इस कार्यक्रम को देखा और प्रधानमंत्री के संदेशों तथा योजनाओं की जानकारी प्राप्त की. कार्यक्रम के दौरान केविके के वैज्ञानिकों ने किसानों को विभिन्न तकनीकी जानकारियां प्रदान की. वैज्ञानिक पंकज कुमार सिन्हा ने रबी फसलों की वैज्ञानिक खेती, कीट एवं रोग प्रबंधन तथा उर्वरक प्रबंधन के महत्वपूर्ण पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी. डॉ प्रतीभा कुमारी ने फसल अवशेष प्रबंधन के महत्त्व पर प्रकाश डाला और खेतों में पराली प्रबंधन की बेहतर तकनीकों को बताया. डॉ विनय कुमार मंडल ने प्राकृतिक खेती के लाभ व इसके बढ़ते महत्त्व पर किसानों को जागरूक किया. वहीं, डॉ अशुतोष कुमार ने बेहतर उत्पादन के लिए उन्नत किस्मों के उपयोग की आवश्यकता पर जोर दिया और किसानों को गेहूं की नयी जारी किस्मों के बारे में विस्तार से बताया, जो वर्तमान रबी मौसम में खेती के लिए उपलब्ध है. इस दौरान केविके वैज्ञानिकों ने किसानों की समस्याएं भी सुनीं और उन्हें वैज्ञानिक सलाह प्रदान की. कार्यक्रम का समापन किसानों के बीच तकनीकी चर्चा और जागरूकता सत्र के साथ हुआ.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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By SUDHIR KUMAR SINGH

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