Aurangabad News : भारतीय पटसन निगम और खलिहान कृषक सहकारी समिति, रेपुरा के संयुक्त तत्वावधान में दाउदनगर प्रखंड की मनार पंचायत मुख्यालय में किसानों के बेहतर स्वास्थ्य को लेकर चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया. शिविर में करीब 250 किसानों ने अपने स्वास्थ्य की जांच कराई. जांच के बाद चिकित्सकों ने आवश्यकतानुसार किसानों को दवाएं भी उपलब्ध कराईं.
बरसात में स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने की सलाह
अनुमंडलीय अस्पताल, दाउदनगर के चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की टीम ने किसानों के स्वास्थ्य की जांच की. इस दौरान चिकित्सकों ने बरसात के मौसम में होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में कई प्रकार के जीवाणु और विषाणु सक्रिय हो जाते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. किसानों को साफ पानी पीने, ताजा एवं स्वच्छ भोजन करने और आसपास साफ-सफाई बनाए रखने की सलाह दी गई.
जूट खरीद प्रक्रिया की दी गई जानकारी
शिविर में पंचायत के लोगों के साथ खलिहान कृषक सहकारी समिति की पूरी टीम मौजूद रही. इस दौरान किसानों को जूट की खरीद प्रक्रिया के संबंध में भी विस्तार से जानकारी दी गई.
'अफवाहों पर ध्यान न दें किसान'
खलिहान कृषक सहकारी समिति, रेपुरा के प्रोजेक्ट मैनेजर नीतीश भारती ने बताया कि जूट की खेती करने वाले किसानों के बीच खरीद प्रक्रिया को लेकर कुछ भ्रम फैलाया जा रहा है. उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय पटसन निगम के नियमानुसार किसानों से तैयार जूट रेशे की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर की जाती है. निगम खेत से जूट की खरीद नहीं करता. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जिस प्रकार पैक्स के माध्यम से किसानों से खलिहान में धान की खरीद की जाती है, उसी प्रकार भारतीय पटसन निगम किसानों से तैयार जूट रेशे की खरीद करता है. उन्होंने किसानों से अपील की कि जूट खरीद को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रम पर ध्यान न दें और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही तैयार जूट रेशे की बिक्री करें.
