Aurangabad Fraud Case : औरंगाबाद पुलिस ने कलेक्ट्रेट का फर्जी स्टाफ बनकर लोगों से ठगी करने वाले एक शातिर आरोपित को गिरफ्तार किया है. साइबर थाना की पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपित नवीन कुमार उर्फ बाबा को समाहरणालय के गेट से दबोच लिया. पुलिस के अनुसार, आरोपित खुद को कलेक्ट्रेट का कर्मचारी बताकर लोगों को हथियार का लाइसेंस दिलाने और हथियार खरीदने में मदद करने का झांसा देता था. इसी बहाने वह लोगों से रुपये ऐंठता था.
पुलिस की प्रारंभिक जांच में आरोपित पर कई लोगों से ठगी करने का आरोप सामने आया है. एक मामले में फोन-पे और बैंक खाते के माध्यम से 5 लाख 50 हजार रुपये लेने की बात कही गई है. वहीं, औरंगाबाद के कई अन्य लोगों से करीब दो करोड़ रुपये की ठगी किए जाने का आरोप भी लगाया गया है.
आवेदन मिलने के बाद दर्ज हुआ मामला
फेसर थाना क्षेत्र के मुरादपुर गांव निवासी रामाकांत कुमार ने 13 अगस्त को साइबर थाना में लिखित आवेदन देकर पूरे मामले की शिकायत की थी. आवेदन में उन्होंने आरोप लगाया कि नवीन कुमार उर्फ बाबा खुद को समाहरणालय का स्टाफ बताकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था.
शिकायत के अनुसार, आरोपित हथियार का लाइसेंस बनवाने और हथियार खरीदने की प्रक्रिया में मदद करने का दावा करता था. इसके बदले वह लोगों से पैसे लेता था. एक व्यक्ति से आरोपित ने फोन-पे और बैंक खाते के जरिए 5 लाख 50 हजार रुपये लिए थे.
कई अन्य लोगों को भी बनाया शिकार
शिकायत में यह भी बताया गया कि आरोपित ने औरंगाबाद के कई अन्य लोगों को भी इसी तरह अपना निशाना बनाया. पुलिस के पास दिए आवेदन में करीब दो करोड़ रुपये की ठगी किए जाने का आरोप लगाया गया है. मामला सामने आने के बाद साइबर थाना की पुलिस ने जांच शुरू की.
साइबर थाना में कांड संख्या 34/26 दर्ज
रामाकांत कुमार के आवेदन के आधार पर साइबर थाना में कांड संख्या 34/26 के रूप में प्राथमिकी दर्ज की गई. मामले की गंभीरता को देखते हुए औरंगाबाद के पुलिस अधीक्षक उपेंद्र नाथ वर्मा ने आरोपित की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित करने का निर्देश दिया.
साइबर थाना के पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में गठित टीम ने मामले की जांच शुरू की. पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण के साथ आसूचना संकलन के जरिए आरोपित की गतिविधियों और उसके ठिकाने की जानकारी जुटाई.
जांच में मिले अहम सुराग
जांच के दौरान पुलिस को नवीन कुमार उर्फ बाबा के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिले. इसके बाद विशेष टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे समाहरणालय के गेट के पास से गिरफ्तार कर लिया.
समाहरणालय गेट से गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, आरोपित की पहचान होने के बाद उसकी गिरफ्तारी के लिए टीम ने निगरानी बढ़ाई. तकनीकी जांच और जुटाई गई सूचना के आधार पर पुलिस को पता चला कि आरोपित समाहरणालय परिसर के आसपास मौजूद है.
इसके बाद पुलिस टीम ने समाहरणालय के गेट से नवीन कुमार उर्फ बाबा को विधिवत गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उससे पूछताछ की. पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान आरोपित ने अपने अपराध को स्वीकार किया है.
पूछताछ और जांच की प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने आरोपित को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि ठगी के इस मामले में और कितने लोग प्रभावित हुए हैं.
पहले से दर्ज है आपराधिक मामला
गिरफ्तार आरोपित की पहचान नवीन कुमार उर्फ बाबा, पिता रामचंद्र शर्मा, निवासी सियानी, थाना गोह, जिला औरंगाबाद के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार, उसके खिलाफ पहले से भी एक आपराधिक मामला दर्ज है.
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, बारुण थाना में 15 अक्टूबर को कांड संख्या 477/24 के रूप में प्राथमिकी दर्ज की गई थी. पुलिस अब आरोपित के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और मौजूदा मामले के बीच भी जानकारी जुटा रही है.
फिलहाल साइबर थाना की टीम पूरे मामले की जांच में जुटी है. हथियार लाइसेंस और हथियार खरीदने के नाम पर लोगों से कथित तौर पर की गई ठगी को लेकर पुलिस लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है. पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ ठगी की वास्तविक रकम और इस पूरे मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आने की उम्मीद है
