ओबरा. पारंपरिक खेती से अलग हटकर ओबरा प्रखंड के डिहरी गांव के प्रगतिशील किसान एवं पूर्व व्यापार मंडल अध्यक्ष कृष्णाकांत शर्मा ने नई पहल शुरू की है. उन्होंने अपने निजी खेत में विदेशी फलदार पौधों की वैज्ञानिक तरीके से खेती शुरू की है.
इजराइल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से मंगाए उच्च गुणवत्ता वाले पौधे
कृष्णाकांत शर्मा ने बताया कि उन्होंने उत्तर प्रदेश के बस्ती स्थित इजराइल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से विभिन्न प्रजातियों के उच्च गुणवत्ता वाले पौधे मंगवाए हैं. इन पौधों का रोपण आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक पद्धति के अनुसार कराया जा रहा है.
चार मीटर की दूरी पर लगाए जा रहे पौधे, आधुनिक सिंचाई की व्यवस्था
उन्होंने बताया कि प्रत्येक पौधे को करीब चार मीटर की दूरी पर कतारबद्ध तरीके से लगाया जा रहा है, ताकि पौधों का बेहतर विकास हो सके. इसके साथ ही पौधों की सुरक्षा और सिंचाई के लिए आधुनिक इरिगेशन सिस्टम भी लगाया गया है.
आधुनिक सिंचाई व्यवस्था से कम पानी में बेहतर उत्पादन की संभावना बढ़ेगी और खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकेगा.
बिना सरकारी सहायता के निजी स्तर पर शुरू की पहल
कृष्णाकांत शर्मा ने बताया कि इस परियोजना के लिए उन्हें सरकार की ओर से किसी प्रकार की अनुदान राशि या आर्थिक सहायता नहीं मिली है. इसके बावजूद बेहतर उत्पादन और अधिक मुनाफे की उम्मीद को देखते हुए उन्होंने अपने स्तर से यह पहल शुरू की है.
किसानों से आधुनिक तकनीक अपनाने की अपील
किसान कृष्णाकांत शर्मा का कहना है कि आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक खेती अपनाकर किसान पारंपरिक फसलों के साथ-साथ विदेशी फलदार पौधों की खेती से भी अच्छी आय प्राप्त कर सकते हैं.
उन्होंने क्षेत्र के किसानों से नई तकनीकों को अपनाने और व्यावसायिक बागवानी की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की.
किसानों के बीच चर्चा का विषय बनी पहल
डिहरी गांव में शुरू की गई यह पहल आसपास के किसानों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है. कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि वैज्ञानिक तरीके, आधुनिक सिंचाई और बेहतर प्रबंधन के साथ ऐसी खेती किसानों की आय बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकती है.
