जांच में गायब मिले दो शिक्षक, 40 छात्रों में 34 अनुपस्थित

डीएम ने विद्यालयों का किया औचक निरीक्षण, गायब शिक्षकों से शोकॉज पूछने का निर्देश

डीएम ने विद्यालयों का किया औचक निरीक्षण, गायब शिक्षकों से शोकॉज पूछने का निर्देश औरंगाबाद शहर. सरकारी स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार के दावे गुरुवार को उस वक्त खोखला साबित हो गये, जब डीएम की औचक निरीक्षण में विद्यालय से शिक्षक से लेकर बच्चे तक अनुपस्थित पाये गये. डीएम श्रीकांत शास्त्री जब अचानक उक्त स्कूल में पहुंचे तो दो शिक्षक गायब मिले तो 11वीं कक्षा में नामांकित 40 छात्रों में से 34 अनुपस्थित पाये गये. इसपर डीएम ने गहरी नाराजगी जाहिर की और गायब शिक्षकों से शोकॉज पूछने का निर्देश दिया. वहीं, बच्चों की उपस्थिति पर ध्यान देने को कहा. गुरुवार को डीएम श्रीकांत शास्त्री द्वारा दाउदनगर प्रखंड के गोराडीह राजकीयकृत प्लस टू हरवंश उच्च विद्यालय एवं स्वामी धरनीधराचार्य संस्कृत मध्य विद्यालय का औचक निरीक्षण किया गया. सबसे पहले उन्होंने राजकीयकृत प्लस टू हरवंश उच्च विद्यालय का निरीक्षण किया. इस क्रम में उपस्थिति पंजी की जांच के दौरान यह पाया कि कंप्यूटर शिक्षक रविरंजन भारती एवं शिक्षक सुनील कुमार उपस्थित नहीं थे. इसपर डीएम द्वारा दोनों का नाम दर्ज करते हुए उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त करने का निर्देश प्रधानाध्यापक को दिया गया. डीएम ने विद्यालय की सभी कक्षाओं का निरीक्षण करते हुए छात्र-छात्राओं से पढ़ाई-लिखाई की स्थिति के संबंध में पूछताछ की. इस दौरान कक्षा 11वीं में नामांकित 40 छात्रों में मात्र छह छात्र ही उपस्थित पाये गये. इतनी न्यूनतम उपस्थिति पर जिलाधिकारी द्वारा गहरा असंतोष व्यक्त किया गया तथा प्रधानाध्यापक को छात्रों की उपस्थिति में सुधार के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाने का निर्देश दिया. इसके बाद वे स्वामी धरनीधराचार्य संस्कृत मध्य विद्यालय पहुंचे और औचक निरीक्षण किया. उन्होंने शिक्षण व्यवस्था, छात्र-छात्राओं की उपस्थिति, विद्यालय परिसर की स्वच्छता एवं अनुशासनात्मक स्थिति का विस्तृत अवलोकन किया. निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने यह स्पष्ट किया कि सभी शिक्षकों की समय पर उपस्थिति और गुणवत्तापूर्ण अध्यापन सुनिश्चित किया जाना अनिवार्य है. ताकि छात्रों की शिक्षा पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े. निरीक्षण के उपरांत जिलाधिकारी द्वारा प्रधानाध्यापक को यह निर्देश दिया गया कि विद्यालयों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाये. कक्षाओं में पठन-पाठन की व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाये. छात्रों की उपस्थिति में उल्लेखनीय सुधार लाने के लिए विशेष पहल की जाये तथा अनुशासनहीनता या शिथिलता बरतने वाले शिक्षकों पर विभागीय कार्रवाई आरंभ करने के लिए प्रतिवेदन प्रस्तुत करें. जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि विद्यालयों का औचक निरीक्षण सतत रूप से जारी रहेगा और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी.

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