यू-डायस अपडेट व रिन्यूअल नहीं होने से बच्चों का भविष्य अधर में

त्राहिमाम कर रहे निजी विद्यालय संचालक

त्राहिमाम कर रहे निजी विद्यालय संचालक

प्रतिनिधि, कुटुंबा.

जिले के कुटुंबा प्रखंड में सरकार के शिक्षा विभाग, विभागीय गाइडलाइन के बजाय प्रभारी बीइओ की मर्जी से चलती है. बीइओ शिशिर रंजन विभागीय नियमों की अनदेखी कर आवश्यक कार्यो काे उलझा दे रहे हैं. यह कहना है प्रखंड के निजी विद्यालय संचालको की. सरकारी स्कूल के शिक्षक भी दबे जुबान से प्रभारी बीईओ के कार्य शैली पर अंगूली उठा रहे है. शिक्षक बताते है कि संयोग सही है कि अब वेतन का भुगतान डीडीओ स्तर से होना है. बिहार पब्लिक स्कूल एंड चिल्ड्रेन वेल्फेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अजय कुमार पांडेय ने कहा कि बीइओ निजी स्कूलों के यू-डायस अपडेट व रिन्यूअल कार्य के निबटारा में अनावश्यक रूप से विलंब कर रहे है. संघ द्वारा इसकी शिकायत डीएम व डीइओ से भी की जा रही है. उन्होंने बताया कि ससमय पोर्टल पर डेटा अपडेट एवं एविडेंस रिन्यूनल नहीं होने से बच्चों का भविष्य अधर में हैं. इधर सदस्य विजय कश्यप, रिंकू सिंह व दिलीप गुप्ता व गजेंद्र सिन्हा आदि ने कहा कि बार-बार प्रभारी बीइओ से संपर्क स्थापित करने का प्रयास भी किया जा रहा है. इसके बावजूद उनसे यू-डायस प्रपत्र पर हस्ताक्षर कराना मुश्किल हुआ है. पहले तो वे बीआरसी कार्यालय आते नहीं है. अगर यदा-कदा उनसे मुलाकात हो भी जाती है, तो वे सिर्फ हमें जानकारी नहीं है, हम ऊपर से बात करेंगे कहकर टाल मटोल कर देते हैं. बताया कि एसोसिएशन के तहत संचालित विद्यालय संचालकों ने अपने स्कूल आवश्यक दस्तावेज निर्धारित समय के अंदर जमा कर दिया हैं. संघ के अधिकारियों ने बताया यू-डायस अपडेट नहीं होने से विद्यालयों की मान्यता रद्द हो सकती है. यहीं नहीं निजी विद्यालय में पढ़ने बच्चों को आगे की कक्षाओं में एडमिशन लेने के लिए टीसी प्राप्त करने में दिक्कत हो सकती है. श्री कश्यप ने बताया कि वर्तमान में सरकारी पोर्टल पर डेटा एंट्री व छात्रों के नामांकन से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य बाधित है. संघ ने संबधित विभाग से लेकर जिला प्रशासन का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराते हुए महत्वपूर्ण यू डायस लंबित कार्य शीघ्र निष्पादन कराने की मांग की है. संघ ने कहा है कि अगर समय सीमा के अंदर यू-डायस विभाग के पोर्टल पर अपलोड नहीं होता है, तो एसोसिएशन बाध्य होकर आंदोलन, धरना प्रदर्शन के अन्य संवैधानिक कदम उठाने को मजबूर होगा.

शिक्षिका के मौत के बाद दाना-पानी के मोहताज हैं उसके छोटे बच्चे

कुटुंबा प्रखंड के सोनवर्षा गांव निवासी उपेंद्र कुमार ने बीइओ की कार्य शैली पर सवाल खड़ा किया है. उन्होने बताया है उसकी बहन कंचन कुमारी कुटुंबा के प्राईमरी स्कूल नरेंद्र खाप में टीचर थी. गत्त वर्ष 2024 में 30 सितंबर को अपने पति के गांव खैरा विंद जाने के क्रम में औरंगाबाद रामाबांध बस स्टैंड के समीप सड़क दुर्घटना में उसकी मौत हो गयी. उसका एक अबोध लड़का तथा दो छोटी बिटिया है. शिक्षिका की मौत के बाद उसके बच्चों को भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है. यहां तक कि उसके आश्रित परिजन दाना-दाना के मुहताज हो गये है. उन्होंने बताया कि अनुकंपा के आधार पर कंचन के पति जमींदार पासवान की नौकरी होनी है. बीइओ के हस्ताक्षर के बगैर उसका नियोजन प्रमाण पत्र नहीं बन रहा है. उन्होंने बताया कि इसके लिए हम लोग बार-बार बीआरसी के चक्कर काट रहे है. इसके बावजूद प्रभारी बीईओ हस्ताक्षर करने से आना कानी कर रहे हैं.

भलुआड़ी खुर्द में कनीय शिक्षक हेडमास्टर के प्रभार में

प्रखंड के प्राईमरी स्कूल भलुआड़ी खुर्द में कनीय शिक्षक रिजवान अंसारी हेडमास्टर के प्रभार में है. वहीं वरीय शिक्षक रीमा कुमारी के आवेदन पर पहल नहीं की जा रही है. प्रभारी रिजवान अंसारी ने बताया कि वरीय अधिकारियों द्वारा प्रभार लेने का निर्देश प्राप्त था. उक्त आलोक में कार्य कर रहा हूं. विदित हो कि कुटुंबा प्रखंड में बीईओ के कार्य शैली से कई स्कूलों में शिक्षको व ग्रामीणो के बीच अंतर्कलह व्याप्त है. जानकारी प्राप्त करने के लिए बीडब्ल्यूओ सह बीइओ शिशिर रंजन के फोन नंबर पर संपर्क करने का प्रयास किया पर उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया.

क्या बताते हैं 20 सूत्री अध्यक्ष

कुटुंबा प्रखंड के 20 सूत्री अध्यक्ष प्रवीण गुप्ता ने कहा कि प्रभारी बीइओ सरकार को शिक्षा विभाग को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं. इसके लिए प्रखंड स्तरीय 20 सूत्री की बैठक में प्रस्ताव पारित कराकर आवश्यक कार्रवाई करने के लिए संबंधित विभाग के अधिकारी व शिक्षा मंत्री को पत्र लिखा जायेगा.

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By Sujit kumar

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