पूर्व सांसद के कहने के बावजूद नगर पर्षद ने नहीं उपलब्ध कराया पत्र : जदयू

जिउतिया महोत्सव कार्यक्रम के दौरान पूर्व सांसद महाबली सिंह द्वारा ऐसी बात कही गयी थी, लेकिन नगर पर्षद द्वारा किसी प्रकार का कोई पत्र नहीं दिया गया

दाउदनगर.

मुख्य पार्षद अंजलि कुमारी द्वारा नकल अभिनय प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरण समारोह एक मंच पर जिउतिया पर्व को राजकीय दर्जा देने संबंधित पहल किसी भी जनप्रतिनिधि द्वारा नहीं किये जाने से संबंधित वक्तव्य पर राजनीति गरमा गयी है. जदयू प्रखंड अध्यक्ष दीपक कुमार पटेल ने मुख्य पार्षद के वक्तव्य को गलत बताते हुए कहा कि पूर्व सांसद महाबली सिंह द्वारा नगर पर्षद को कई बार कहा गया था कि बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव पारित करा कर पत्र के साथ उन्हें दें और नप की टीम को संबंधित मंत्री से मिलवायेंगे. जिउतिया महोत्सव कार्यक्रम के दौरान पूर्व सांसद महाबली सिंह द्वारा ऐसी बात कही गयी थी, लेकिन नगर पर्षद द्वारा किसी प्रकार का कोई पत्र नहीं दिया गया. कंबल वितरण समारोह में भी जब पूर्व सांसद नगर पर्षद कार्यालय में पहुंचे थे, तो उसे समय भी उन्होंने मुख्य पार्षद को इसी तरह की बात कही थी और उनके द्वारा कहा गया था कि 14 जनवरी के बाद वे पटना आयेंगे, लेकिन नगर पर्षद द्वारा न कोई पत्र और न कोई आवेदन पूर्व सांसद या जदयू प्रखंड कमेटी को दिया गया. समय रहते अगर पत्र दिया जाता तो हो सकता था कि जिउतिया पर्व को अब तक राजकीय दर्जा मिल गया होता. जदयू के प्रखंड प्रवक्ता पप्पू गुप्ता एवं नगर कार्यकारी अध्यक्ष संतोष दबगर ने आरोप लगाते हुए कहा कि नगर पर्षद की लापरवाही के कारण अब तक जिउतिया महोत्सव को राजकीय दर्जा नहीं मिल सका है. जल्द ही अगर नगर पर्षद ने प्रस्ताव बना कर भेज दिया है तो जल्द ही प्रखंड कमेटी के नेतृत्व में विभागीय मंत्री से मिलकर राजकीय दर्जा दिलाने का प्रयास किया जायेगा.

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By SUJIT KUMAR

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