ट्रेनों के ठहराव की उठी मांग, आम लोगों ने स्टेशन प्रबंधक का दिलाया ध्यान

रफीगंज शहर के आम लोगों द्वारा गया-दिल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस सहित अन्य ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर रफीगंज स्टेशन प्रबंधक को ज्ञापन सौंपा गया

रफीगंज. रफीगंज शहर के आम लोगों द्वारा गया-दिल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस सहित अन्य ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर रफीगंज स्टेशन प्रबंधक को ज्ञापन सौंपा गया. ज्ञात हो कि रफीगंज तथा निकटवर्ती क्षेत्र के लोगों के लिए यातायात का लगभग एकमात्र साधन ट्रेन ही है. रफीगंज स्टेशन का क्षेत्र तीन लोकसभा औरंगाबाद, काराकाट व गया से सटे क्षेत्र तथा चार विधानसभा क्षेत्र रफीगंज, गोह व गुरुआ सहित कई समीपवर्ती क्षेत्रों का प्रमुख स्टेशन है. आवश्यकतानुरूप मूलभूत ट्रेनों का ठहराव रफीगंज स्टेशन पर नहीं किया गया है. ऐसे में लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है. आम लोगों ने आवेदन के माध्यम से कहा है कि लाखों लोग अपनी आजीविका के लिए पंजाब, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, उड़ीसा सहित देश के अन्य राज्यों में रहते हैं, पर उनका परिवार यहीं पर हैं. छुट्टियों, त्योहारों के साथ-साथ जरूरत के अनुसार घर वापस लौटना पड़ता है. अधिकांश ट्रेनों के ठहराव नहीं रहने के कारण आने-जाने में परेशानी होती है और गाढ़ी कमाई का नुकसान होता है. रफीगंज से निकटवर्ती बड़े स्टेशन, अप में डेहरी ऑन-सोन तथा डाउन में गया जक्शन की दूरी क्रमशः 47 तथा 38 किलोमीटर है. पंडित दीन दयाल उपाध्याय से गया के मध्य पड़ने वाले सभी बड़े स्टेशन अपनी लोकसभा के एकमात्र प्रमुख स्टेशन है. भभुआ लोकसभा में भभुआ रोड, सासाराम लोकसभा में सासाराम जंक्शन, काराकाट में डेहरी-ऑन-सोन, औरंगाबाद शहरी व ग्रामीण इलाके के लिए अनुग्रह नारायण रोड तथा रफीगंज के निकटवर्ती क्षेत्रों के लिए एकमात्र रफीगंज ही प्रमुख स्टेशन है. साधारण जनमानस के लिए चलाई जा रही सामान्य कोचों तथा स्लीपर कोचों से युक्त गया-दिल्ली अमृत भारत ट्रेन का रफीगंज में ठहराव नहीं दिया जाना अत्यंत दुखद है. रफीगंज स्टेशन पर अविलंब हावड़ा-मुम्बई मेल, पुरुषोत्तम एक्सप्रेस, आरा-रांची एक्सप्रेस तथा गंगा-सतलुज एक्सप्रेस के ठहराव की आवश्यकता है. रफीगंज स्टेशन पर जब एक दशक से अधिक पुरानी मांग हावड़ा-जोधपुर बीकानेर लिंक एक्सप्रेस का आंशिक ठहराव ही दिया गया, क्योंकि बीकानेर लिंक एक्सप्रेस को पृथक कर देने से इसका नंबर परिवर्तित हो गया, और इसका ठहराव रफीगंज को दिया ही नहीं गया. इसी प्रकार गया-लखनऊ लिंक एक्सप्रेस में भी संख्या- खेल हुआ और मात्र रविवार को चलने वाली ट्रेन का ही ठहराव मिला, यद्यपि ये ट्रेन सप्ताह में और दो दिन पृथक नंबर से चलती है.

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By SUJIT KUMAR

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