वज्रपात का कहर : कोचिंग से लौट रहे दो विद्यार्थियों की मौत, एक घायल

बारिश से बचने के लिए आम के पेड़ से नीचे छिपे थे तीनो, अचानक हुई वज्रपात

औरंगाबाद ग्रामीण.

शनिवार को औरंगाबाद में बारिश कहर बनकर टूटा. शहर से लेकर गांव-गांव तक मूसलाधार बारिश हुई. शहरी इलाके में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गयी. बड़ी बात यह है कि मूसलाधार बारिश के दौरान वज्रपात होने से दो विद्यार्थियों की मौत हो गयी. जबकि, एक छात्रा झुलस गयी. घटना शनिवार की दोपहर मुफस्सिल थाना क्षेत्र के खरकनी गांव के समीप की है. मृतकों में उक्त गांव निवासी अहेंद्र साव के 11 वर्षीय पुत्र आदर्श कुमार और रवींद्र साव के 10 वर्षीय पुत्री शबनम कुमारी शामिल है. इस घटना में रवींद्र साव की 13 वर्षीय पुत्री गंभीर रूप से झुलसी है, जिसका इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है. सदर अस्पताल में परिजनों ने बताया कि आदर्श, शबनम और रिया तीनों गांव में ही कोचिंग करने गये थे. कोचिंग से पढ़ाई कर वापस घर लौट रहे थे. इसी दौरान अचानक तेज बारिश होने लगी तो तीनों विद्यार्थी एक आम के पेड़ के नीचे छिप गये. इसी दौरान तेज आवाज के साथ वज्रपात हुई, जिसकी चपेट में तीनों आ गये. आने से तीनों गंभीर रूप से जख्मी हो गए. चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर परिजन व घर के सदस्य पहुंचे और तीनों को आनन-फानन में सदर अस्पताल पहुंचाया. डॉक्टरों ने आदर्श व शबनम का नब्ज टटोलते ही मृत घोषित कर दिया. वहीं, रिया का इलाज किया जा रहा है. मृतका शबनम और रिया दोनों सगी बहनें हैं. शबनम चार बहनों में बड़ी थी. उसका एक ही भाई है. वहीं आदर्श दो भाइयों में छोटा था. दोनों मृतकों के पिता राजमिस्त्री हैं. इधर, अस्पताल प्रबंधक ने घटना की सूचना नगर थाने की पुलिस को दी. सूचना पर पहुंची नगर थाना की पुलिस दोनों शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करायी और शव परिजनों को सौंप दिया. मुफस्सिल थाने के प्रभारी थानाध्यक्ष सह प्रशिक्षु डीएसपी मनीषा देवी ने बताया कि खरकनी गांव में वज्रपात से दो विद्यार्थियों की मौत हुई है. वही एक छात्रा का इलाज किया जा रहा है. फिलहाल दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराकर दाह संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया है. आगे की कार्रवाई की जा रही है. इधर घटना की सूचना पर को-ऑपरेटिव चेयरमैन संतोष कुमार सिंह, समाजसेवी सल्लू खान सदर अस्पताल पहुंचे और परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया. संतोष सिंह ने कहा कि अभी बरसात का मौसम चल रहा है. थोड़ा सावधानी बरतने की जरूरत है. बारिश के दौरान कभी भी पेड़ के नीचे नही छिपें. उन्होंने जिला प्रशासन से आपदा राहत के तहत परिजनों को मुआवजा दिलाने की बात कही है.

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