औरंगाबाद के दाउदनगर में सुहाग की लंबी आयु, अखंड सौभाग्य और सुख-समृद्धि की कामना को लेकर मनाया जाने वाला हरितालिका तीज व्रत सोमवार को आस्था और परंपरा के साथ मनाया गया. इस अवसर पर सुहागिन महिलाओं ने निर्जला उपवास रखकर विधि-विधान पूर्वक भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना की.
सुबह से ही तीज व्रत को लेकर व्रती महिलाओं में उत्साह और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला. महिलाओं ने अपने पति की दीर्घायु, परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की. तीज पर्व को लेकर महिलाओं ने स्नान करने के बाद नए वस्त्र धारण किए.
इसके बाद घरों और मंदिरों में जाकर भगवान शिव-पार्वती की पूजा-अर्चना की तथा तीज व्रत से जुड़ी कथा सुनी.
कई महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार पूजा की तैयारी की. व्रत को लेकर महिलाओं में विशेष उत्साह देखा गया. दिनभर निर्जला उपवास रखने के बाद शाम को पूजा-अर्चना और कथा श्रवण का सिलसिला जारी रहा.
श्री हनुमान मंदिर में हुई विशेष पूजा और कथा श्रवण
स्थानीय श्री हनुमान मंदिर में तीज व्रत के अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना की गई. मंदिर के पुजारी पंडित देवशरण मिश्र ने भगवान शिव की स्तुति की और श्रद्धालु महिलाओं को हरितालिका तीज व्रत की कथा सुनाई. उन्होंने बताया कि भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए माता पार्वती ने वन में रहकर कठोर तपस्या की थी. माता पार्वती की इसी तपस्या और समर्पण की स्मृति में हरितालिका तीज व्रत मनाया जाता है.
धार्मिक मान्यता और व्रत का महत्व
पंडित देवशरण मिश्र ने कहा कि सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु और अखंड सौभाग्य की कामना से यह व्रत करती हैं. धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस व्रत के पालन से महिलाओं के सुख और सौभाग्य में वृद्धि होती है. उन्होंने श्रद्धालुओं को श्रद्धा और विश्वास के साथ पूजा-अर्चना करने का संदेश दिया.
दाउदनगर के बाजारों में रही चहल-पहल
तीज व्रत को लेकर दाउदनगर के बाजारों में भी चहल-पहल बनी रही. पूजन सामग्री, फल, मिठाई, वस्त्र और अन्य आवश्यक सामान की दुकानों पर लोगों की भीड़ देखी गई.
हालांकि अधिकांश लोगों ने तीज पर्व को लेकर पहले ही खरीदारी कर ली थी, फिर भी सोमवार को बाजार में काफी भीड़-भाड़ रही. महिलाओं और उनके परिजनों ने पूजा के लिए आवश्यक सामग्री की खरीदारी की.
मंगलवार को होगा व्रत का पारण
मंगलवार को पारण करने के साथ व्रती महिलाएं अपने निर्जला व्रत का समापन करेंगी. इस दौरान घरों में विभिन्न प्रकार के पकवान बनाए जाएंगे और व्रत का विधि-विधान से उद्यापन व पारण संपन्न होगा.