एनएच 139 पर रिसियप बाजार के पास हुई घटना, श्री सीमेंट फैक्ट्री में ड्यूटी कर लौट रहा था घर
अंबा. एन 139 औरंगाबाद–हरिहरगंज पथ पर रिसियप बाजार के समीप तेज रफ्तार अनियंत्रित स्कॉर्पियो ने साइकिल सवार 48 वर्षीय व्यक्ति को रौंद दिया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गयी. मृत युवक की पहचान रिसियप गांव निवासी रमेश कुमार वर्मा के रूप में हुई है. घटना बुधवार सुबह करीब 6:30 बजे हुई. जानकारी के अनुसार, रमेश औरंगाबाद स्थित श्री सीमेंट फैक्ट्री में काम करता था. 10 दिन में उसकी ड्यूटी का रोस्टर बदल जाता था. पिछले दिनों से उमेश की ड्यूटी रात में थी. मंगलवार की शाम वह साइकिल से श्री सीमेंट फैक्ट्री में ड्यूटी करने गया था. ड्यूटी करने के बाद साइकिल से ही घर लौट रहा था. घर से महज 200 मीटर पहले वह तेज रफ्तार स्कॉर्पियो की चपेट में आ गया, जिससे गंभीर रूप से जख्मी हो गया. दुर्घटना के पश्चात मौके का फायदा उठाकर स्काॅर्पियो चालक गाड़ी की गति तेज कर भाग निकला. घटना के बाद वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया. काफी संख्या में स्थानीय लोग वहां जमा हो गये. कुछ लोगों ने घटना की जानकारी जख्मी के परिजनों को दी. इसी क्रम में थानध्यक्ष निशा कुमारी घटनास्थल पर पहुंची और जख्मी हालत में रमेश को अपनी गाड़ी से लेकर अस्पताल जाने लगी. घटनास्थल से मात्र तीन-चार किलोमीटर का रास्ता ही तय किया था कि चतरा मोड़ के समीप रमेश की मौत हो गयी. इधर, मौत की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया.थानाध्यक्ष की तत्परता को लोगों ने सराहा
घटना के वक्त रिसियप थानाध्यक्ष निशा कुमारी विभागीय कार्य को लेकर जिला मुख्यालय औरंगाबाद जा रही थीं. उन्होंने जब देखा कि दुर्घटना में व्यक्ति जख्मी हुआ है तो वे उसे तुरंत उठाकर पुलिस वाहन से ही औरंगाबाद सदर अस्पताल ले जाने लगी. हालांकि, रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया. इसके बाद थानाध्यक्ष द्वारा पंचनामा तैयार किया गया तथा शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया. थानाध्यक्ष ने बताया कि इंसानियत से बढ़कर कुछ नहीं है. पीड़ित को सुविधा प्रदान करना उनका कर्तव्य है. उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया है. धक्का मार कर भागने वाले स्कॉर्पियो व उसके चालक का पता लगाया जा रहा है. इसके लिए आसपास में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है.नाबालिग बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
मृतक रमेश कुमार वर्मा श्री सीमेंट फैक्ट्री पिछले कई वर्षों से काम करता था. रोस्टर के अनुसार ड्यूटी बदलती रहती थी. मृतक के परिजन विजय कुमार वर्मा ने बताया कि वह मेहनत मजदूरी कर किसी तरह अपने परिवार का भरण पोषण करता था. उसकी एक बेटी अंशु कुमारी 19 वर्ष व दो बेटे आशुतोष कुमार 15 वर्ष व अंकेश कुमार 10 वर्ष के सिर से पिता का साया उठ गया है. ग्रामीणों ने बताया कि रमेश की मौत से दोनों नाबालिग बच्चों के भरण पोषण व बेटी की शादी विवाह की चिंता परिजनों को सताने लगी है. रमेश की मौत से पूरे परिवार में कोहराम मचा है. पत्नी रीता देवी व मां मानती देवी का रो-रोकर बुरा हाल है. इधर, मौत की सूचना पर पहुंचे पूर्व जिप अध्यक्ष पंकज पासवान ने परिजनों को ढांढ़स बंधाया. ग्रामीण व समाजसेवियों ने सरकार से मृतक के परिजनों को मुआवजा दिये जाने की मांग की है.एनएच 139 पर रोज हो रही घटनाएं
राजद के प्रदेश महासचिव ई सुबोध कुमार सिंह ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दिया और सहयोग किया. उन्होंने कहा कि एनएच 139 मौत का कारण बन रहा है. रमेश कुमार वर्मा रफ्तार का शिकार हो गये. यह कोई नयी घटना नहीं है. इस सड़क पर लगातार मौत की घटनाएं हो रही है. शायद ही कोई दिन हो जिस दिन किसी न किसी इंसान की जान नहीं जा रही हो. न जाने अब यह सड़क कितनी मांओं की कोख सुनी करेगी. कितने बहनों का सुहाग उजड़ेगा. आखिर कब बिहार सरकार की नींद खुलेगी. लगातार सुन रहे हैं कि हरिहरगंज-पटना फोरलेन होना है, लेकिन केवल घोषणाओं में सिमटा कर रह गया है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
