Aurangabad News: बिहार के मुख्य सचिव ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों के साथ साइबर अपराध की रोकथाम, साइबर सुरक्षा तथा साइबर शिकायतों के त्वरित निबटारे की समीक्षा की. बैठक में औरंगाबाद की जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा, पुलिस अधीक्षक उपेंद्र नाथ वर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे.
लंबित शिकायतों के त्वरित निबटारे के निर्देश
बैठक में ग्रिवांस रिड्रेसल मॉड्यूल पर लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने सभी साइबर शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निबटारा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि साइबर मुख्यालय की 24 घंटे संचालित हेल्पलाइन पूरी तरह सक्रिय है और साइबर ठगी के पीड़ितों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा रही है. सभी जिलों को शिकायत मिलते ही बिना विलंब कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए.
औरंगाबाद में पीड़ितों को लौटाए गए 2.58 लाख रुपये
समीक्षा बैठक में बताया गया कि औरंगाबाद जिले में अब तक साइबर ठगी के पीड़ितों को कुल 2.58 लाख रुपये वापस कराए जा चुके हैं. वहीं साइबर अपराधों के विरुद्ध 21 लॉ एनफोर्समेंट एजेंसी (LEA) अनुरोध भी जारी किए गए हैं.
हर जिले में नियमित होगा 'साइबर मंगलवार'
मुख्य सचिव ने साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने पर बल दिया. उन्होंने प्रत्येक जिले में नियमित रूप से 'साइबर मंगलवार' आयोजित करने का निर्देश दिया, ताकि लोगों को ऑनलाइन ठगी से बचाव, डिजिटल सुरक्षा और सुरक्षित साइबर व्यवहार के बारे में जागरूक किया जा सके.
थानों में आईटी सब-इंस्पेक्टर और स्कूलों में जागरूकता अभियान
बैठक में प्रत्येक जिले के लिए साइबर एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) तैयार करने, सभी थानों में आईटी सब-इंस्पेक्टर की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा विद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए.
मुख्य सचिव ने विभागों के बीच बेहतर समन्वय, त्वरित कार्रवाई और जनभागीदारी बढ़ाकर साइबर अपराध नियंत्रण को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया.
