खुलेआम चल रहा झोलाछाप डॉक्टरों का धंधा, खतरे में मरीजों की जान

कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति कर रहा स्वास्थ्य विभाग

कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति कर रहा स्वास्थ्य विभाग

देव. देव प्रखंड क्षेत्र में लंबे समय से झोलाछाप डॉक्टर क्लिनिक खोलकर मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं. ऐसा नहीं है कि इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को नहीं है. स्वास्थ्य विभाग द्वारा इनके खिलाफ बीच-बीच में कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति की जाती है. झोलाछाप डाक्टरों के इलाज से कई मरीज काल के गाल में समा चुके है. इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग कुंभकरणी नींद में है. गौरतलब है कि शुक्रवार को रविकर गांव निवासी संतन पासवान की पत्नी बेबी देवी के गांव के ही एक चिकित्सक ने इलाज की सलाह देते हुए औरंगाबाद शहर के महाराजगंज रोड में एक क्लिनिक में भर्ती करा दिया. वहां निजी डॉक्टर की लापरवाही से महिला की जान चली गयी. जानकारी के अनुसार, इन अवैध क्लिनिक में मरीज की जांच से लेकर दवाइयां, भर्ती करने के लिए बेड, आदि सब कुछ है, लेकिन डॉक्टरों के पास उचित डिग्री नहीं है. ऐसे में समझ सकते है कैसे इलाज होता है. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के आसपास से लेकर क्षेत्र की जनता का स्वास्थ्य झोलाछाप डाक्टरों के हाथ में चला गया है. झोलाछाप डाक्टरों ने गांवों में पांव पसार रखा हैं. एक मकान या दुकान किराये पर लेकर झोलाछाप डॉक्टर अपना क्लिनिक खोलकर बैठ गये है. चिकित्सा विभाग व प्रशासन द्बारा ठोस कार्रवाई नहीं होने से झोलाछाप धड़ल्ले से जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे है.

मनमानी रकम लेकर करते हैं इलाज, दवाइयों की भरमार

एमबीबीएस की तरह इलाज वैसे तो झोलाछाप डॉक्टर फोड़ा-फुंसी या सिर दर्द जैसी बीमारी का इलाज करने के लिए भी अधिकृत नहीं है, लेकिन गांव की ग्रामीणों को यह बड़ा डॉक्टर बताकर ठग रहे है और स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. यह डॉक्टर मलेरिया, खांसी, सर्दी-जुकाम सहित कई बीमारियों का इलाज भी करते है. भोली भाली जनता से पैसा वसूलने के लिए यह डॉक्टर मरीज को भर्ती करके ड्रिप चढ़ाने, इंजेक्शन लगाने सहित घायलों को पट्टी करने और कई बार टांके लगाने तक के काम कर लेते है. झोलाछाप डॉक्टरों की लापरवाही से कई लोग अपनी जान गवां चुके है. बिना जांच पड़ताल के मरीजों के ऊपर नये-नये प्रयोग इनके द्वारा किया जा रहा है. सूत्रों से जानकारी मिली कि झोलाछाप डॉक्टर व स्वास्थ्य विभाग की सांठ-गांठ से झोलाछाप डॉक्टर बेखौफ होकर बड़े-बड़े साइन बोर्ड लगाकर बैठे है. जिला मुख्यालय से कोई भी बड़े अधिकारी क्षेत्र का दौरा करते है तो इसकी सूचना इनको पहले मिल जाती है और ये शटर बंद कर रफूचक्कर हो जाते है और अधिकारी के जाने के बाद फिर से इलाज शुरू कर देते है. अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग झोलाछाप डॉक्टरों पर कब ठोस कार्रवाई करेगा. इस मामले में सीएचसी देव के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार ने कहा कि लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहे झोलाछाप के खिलाफ टीम बनाकर विशेष अभियान चलाया जायेगा. उनके विरुद्ध कार्रवाई की जायेगी.

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By Sujit kumar

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