Aurangabad News: (विश्वनाथ पांडेय) औरंगाबाद जिले के अंबा प्रखंड मुख्यालय स्थित सतबहिनी मंदिर परिसर में आयोजित होने वाले 15 दिवसीय आर्द्रा मेले की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं. 22 जून से शुरू होने वाले इस धार्मिक मेले को भव्य स्वरूप देने के लिए कलाकार और श्रमिक दिन-रात जुटे हुए हैं.
मेले में दिखेगी मां वैष्णो देवी धाम की झलक
इस वर्ष मेले का सबसे बड़ा आकर्षण कश्मीर स्थित मां वैष्णो देवी धाम की तर्ज पर तैयार किया जा रहा भव्य गुफा मंदिर होगा. श्रद्धालुओं को यहां वैष्णो देवी के दिव्य दर्शन का अनुभव कराने के लिए विशेष सजावट और आकर्षक संरचना तैयार की जा रही है.
रंग-बिरंगी रोशनी और मनमोहक सजावट से सुसज्जित यह गुफा श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगी.
बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए खास अवसर
स्थानीय लोगों का मानना है कि जो श्रद्धालु किसी कारणवश जम्मू-कश्मीर स्थित मां वैष्णो देवी मंदिर नहीं जा पाते, उन्हें आर्द्रा मेले में इसी तरह के दर्शन का अवसर मिलेगा. इससे श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त होगी.
झूले, मीना बाजार और मनोरंजन के कई साधन
मेले में धार्मिक आकर्षण के साथ-साथ मनोरंजन की भी भरपूर व्यवस्था की गई है. यहां ड्रैगन झूला, टावर झूला, नाव झूला, बच्चों के लिए विभिन्न प्रकार के झूले, मीना बाजार तथा कई अन्य खेल-तमाशे और व्यावसायिक दुकानें लगाई जा रही हैं.
झारखंड सहित कई राज्यों से पहुंचते हैं श्रद्धालु
हर वर्ष आर्द्रा मेले में स्थानीय लोगों के अलावा बिहार के विभिन्न जिलों और झारखंड से बड़ी संख्या में श्रद्धालु सतबहिनी माई के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं. मान्यता है कि सच्चे मन से मां की पूजा करने पर भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.
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