Aurangabad News : गोह थाना क्षेत्र के निजामपुर गांव में शुक्रवार की सुबह एक बड़ा हादसा हो गया. गांव के पास से गुजर रहे 11 हजार वोल्ट के हाईटेंशन तार की चपेट में आने से एक ही परिवार के चार लोग गंभीर रूप से झुलस गए. सभी घायलों को स्थानीय ग्रामीणों की मदद से तत्काल गोह पीएचसी ले जाया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद दो लोगों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया. वहीं दो अन्य घायलों का स्थानीय स्तर पर ही इलाज चल रहा है.
शौच के दौरान हुआ हादसा
मिली जानकारी के अनुसार, निजामपुर गांव निवासी सत्येंद्र यादव के पुत्र की बारात 25 जून को वापस लौटी थी, जिसके कारण घर में कई रिश्तेदार आए हुए थे. शुक्रवार की सुबह गांव निवासी बीरेंद्र यादव अपने बहनोई (गया जिले के कोच थाना क्षेत्र के निधई गांव निवासी) बच्चू यादव के साथ शौच के लिए गांव के बाहर गए थे. इसी दौरान दोनों अनजाने में नीचे लटके हाईटेंशन तार की चपेट में आ गए.
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बचाने के प्रयास में झुलसे
दोनों को करंट की चपेट में देखकर उन्हें बचाने के लिए बीरेंद्र यादव के पुत्र रंजीत यादव तथा बच्चू यादव के बड़े भाई सत्येंद्र यादव तेजी से दौड़े, लेकिन बचाव के इस प्रयास में वे दोनों भी करंट की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गए.
इसी बीच संयोगवश बिजली की आपूर्ति बंद हो गई, जिससे एक बहुत बड़ा हादसा टल गया और चारों की जान बच गई.
दो की हालत गंभीर, रेफर
गोह पीएचसी के चिकित्सा प्रभारी के अनुसार, बच्चू यादव और बीरेंद्र यादव की स्थिति काफी चिंताजनक होने के कारण उन्हें मगध मेडिकल कॉलेज, गया जी रेफर किया गया है, जबकि रंजीत यादव और सत्येंद्र यादव फिलहाल खतरे से बाहर हैं.
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घटना की सूचना मिलते ही मुखिया प्रतिनिधि ईश्वर दयाल यादव, जदयू चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव डॉ. अनुज कुमार, बलवंत कुमार और डॉ. रामानंद यादव गया जी पहुंचे. उन्होंने घायलों और उनके परिजनों से मुलाकात की तथा डॉक्टरों से बेहतर इलाज सुनिश्चित करने का आग्रह किया.
जर्जर तार बदलने की मांग
इस घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों में काफी आक्रोश है. उनका कहना है कि गांव के उत्तर-पूर्वी हिस्से में बिजली का तार काफी समय से नीचे लटका हुआ है. इससे पूर्व में भी फसल जलने की घटनाएं हो चुकी हैं.
ऊंचाई बढ़ाने की मांग
ग्रामीणों ने स्थानीय बिजली सब-स्टेशन के अधिकारियों से गांव के ऊपर से गुजरने वाले जर्जर एवं ढीले तारों को तुरंत दुरुस्त करने और उनकी ऊंचाई बढ़ाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह का हादसा की दोबारा न हो सके.
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