Aurangabad News : वैज्ञानिक तरीके से खेती कर उत्पादन बढ़ाने पर जोर

Aurangabad News: संयुक्त कृषि भवन में जिला स्तरीय शारदीय (खरीफ) महाभियान सह प्रशिक्षण का आयोजन

औरंगाबाद शहर. प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित संयुक्त कृषि भवन में गुरुवार को जिला स्तरीय शारदीय (खरीफ) महाभियान सह प्रशिक्षण कार्यक्रम 2025-26 का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन अपर समाहर्ता (आपदा), मगध प्रमंडल के संयुक्त कृषि निदेशक (शष्य), जिला कृषि पदाधिकारी सहित अन्य संयुक्त रूप से दीप जलाकर किया. अधिकारियों ने बताया कि शारदीय (खरीफ) महाभियान का मुख्य उद्देश्य खरीफ मौसम में उगाई जाने वाली फसलों की वैज्ञानिक खेती किसान कैसे करें, ताकि फसलों का उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ायी जा सके. जिला कृषि पदाधिकारी रामेश्वर प्रसाद ने बताया कि परंपरागत कृषि के अलावा नयी तकनीक आधारित विशेष फसलों पर खेती करने की आवश्यकता है. इसके अलावा कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं में दिये जाने वाले अनुदान एवं प्रत्यक्षण राशि के बारे में जिला कृषि पदाधिकारी ने विस्तार से बताया. कहा कि जिले को वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना अन्तर्गत 100 क्विंटल मक्का बीज का भौतिक लक्ष्य प्राप्त है. उक्त योजना अंतर्गत खरीफ मौसम में मक्का के क्षेत्र में विस्तार एवं उत्पादन में वृद्धि के लिए 150 रुपये किलोग्राम या बीज दर का 50 प्रतिशत जो न्यूनतम होगा सहायता दर दिया जायेगा. इसी तरह बेबी कॉर्न का भौतिक लक्ष्य आठ क्विंटल प्राप्त हुआ है. इस कार्यक्रम अंतर्गत 750 रुपये किलोग्राम अथवा 50 प्रतिशत जो कम हो सहायता दर दी जायेगी. साथ ही इस जिले को स्वीट कॉर्न का तीन क्विंटल लक्ष्य प्राप्त हुआ है. इस कार्यक्रम अंतर्गत 2250 रुपये किलोग्राम अथवा 75 प्रतिशत जो कम हो सहायता दर दी जायेगी. इन योजनाओं के क्रियान्वयन से औरंगाबाद जिले के किसानों को मक्का, बेबी कॉर्न एवं स्वीट कॉर्न के उत्पादन में सरकार द्वारा अनुदान राशि उपलब्ध कराये जाने से किसानों को इन फसलों के उत्पादन में वृद्धि करने में मिलेगी. पौधा संरक्षण के सहायक निदेशक द्वारा ड्रोन से कीटनाशी के छिड़काव के बारे में विस्तार से बताया गया और सरकार द्वारा दी जाने वाली अनुदान के बारे में भी बताया.

50 फीसदी अनुदान का प्रावधान

उद्यान विभाग के सहायक निदेशक ने बताया कि अंजीर, ड्रैगन फुट्टा, केला एवं गेंदा का पौधा 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराये जाने की योजना है. इस योजना का लाभ किसान ऑनलाइन बिहार कृषि एप या पोर्टल पर कर सकते हैं. ऑन लाईन करने की प्रक्रिया प्रारंभ है. जिला मिट्टी जांच प्रयोगशाला के सहायक निदेशक (रसायन) ने मिट्टी नमूना लेने की प्रक्रिया एवं लक्ष्य तथा प्राकृतिक खेती के बारे में विस्तार से बताया. उन्होंने प्राकृतिक खेती के बारे में बताया. जिले के सभी प्रखंड अंतर्गत 15 कलस्टर में 750 हेक्टेयर भूमि में प्राकृतिक खेती किया जाना है जिसके लिये कलस्टर का चयन पूरा कर लिया गया है. मगध प्रमंडल के संयुक्त कृषि निदेशक (शष्य) ने फार्मर रजिस्ट्री में इस जिले का मगध प्रमंडल में प्रथम स्थान होने के लिये कृषि विभाग की सराहना की. प्रखंड स्तरीय शारदीय (खरीफ) महाभियान-2025 का आयोजन विभिन्न प्रखंडों में 26 मई से छह जून के बीच निर्धारित है. अपर समाहर्ता (आपदा) ने कृषि विभाग के पदाधिकारियों एवं कर्मियों को किसानों के साथ कंधा से कंधा मिलाकर काम करने एवं सरकार की योजनाओं को कृक्षकों तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया. शारदीय (खरीफ) महाभियान में प्रखंड कृषि पदाधिकारी, कृषि समन्वयक, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक, सहायक तकनीकी प्रबंधक, किसान सलाहकार एवं प्रगतिशील कृषकों ने भाग लिया. मौके पर विभिन्न विभाग के पदाधिकारी उपस्थित थे.

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