Aurangabad News (ओम प्रकाश की रिपोर्ट): प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के सफल संचालन के 10 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर अनुमंडलीय अस्पताल दाउदनगर में एक विशेष स्वास्थ्य शिविर एवं भव्य उत्सव का आयोजन किया गया. इस खास मौके पर पूरे अस्पताल परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था. जिससे वहाँ मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों और ग्रामीण मरीजों के बीच भारी उत्साह का माहौल देखने को मिला. इस विशेष कार्यक्रम का मूल उद्देश्य सभी गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं आसानी से उपलब्ध कराना है.
मातृ शिशु मृत्यु दर घटाने का लक्ष्य
इसके साथ ही मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में भारी कमी लाकर सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करना भी इस अभियान का मुख्य लक्ष्य था. अनुमंडलीय अस्पताल की प्रभारी उपाधीक्षक डॉ शांता कुमारी ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस अवसर पर आयोजित विशेष जांच शिविर के दौरान अस्पताल के ओपीडी (OPD) में कुल 321 सामान्य मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया. इसके अतिरिक्त शिविर में पहुंची कुल 118 गर्भवती महिलाओं का नया पंजीकरण कर उनकी व्यापक प्रसव पूर्व जांच की गई.
हाई रिस्क महिलाओं की विशेष निगरानी
डॉ शांता कुमारी ने बताया कि सघन जांच के दौरान 45 महिलाओं को उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था (हाई रिस्क प्रेग्नेंसी) की गंभीर श्रेणी में चिन्हित किया गया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि चिन्हित की गई सभी हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं का विभाग द्वारा एक अलग से डेटाबेस तैयार किया गया है. क्षेत्र में सुरक्षित संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने के लिए इन सभी महिलाओं की विशेष चिकित्सीय निगरानी की जाएगी. साथ ही स्थानीय आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से उनका लगातार फॉलो-अप किया जाएगा.
अस्पताल में हुए आवश्यक लैब टेस्ट
आशा कार्यकर्ताओं की मदद से किसी भी संभावित स्वास्थ्य जटिलता का समय रहते उचित समाधान किया जा सकेगा. गर्भवती महिलाओं को एक ही स्थान पर सभी आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शिविर में कुल 69 महिलाओं का मुफ्त अल्ट्रासाउंड भी किया गया. इसके अलावा 107 एएनसी (ANC) मरीजों के आवश्यक पैथोलॉजिकल जांच भी अस्पताल की प्रयोगशाला में तुरंत कराए गए. इन जांचों के माध्यम से गर्भस्थ शिशु के विकास और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की विस्तृत जानकारी मिली.
भीषण गर्मी में बांटे ओआरएस पैकेट
अस्पताल प्रबंधक ठाकुर चंदन सिंह ने बताया कि वर्तमान में चल रही भीषण गर्मी को देखते हुए अस्पताल पहुंची सभी महिलाओं के बीच ओआरएस (ORS) के पैकेट का मुफ्त वितरण भी किया गया. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ लोगों को भीषण गर्मी से बचाव और शरीर में पानी की कमी से होने वाली गंभीर समस्याओं के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है. शिविर के दौरान अनुभवी स्वास्थ्यकर्मियों ने सभी गर्भवती महिलाओं को संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेने और आयरन की गोलियों का नियमित सेवन करने के लिए प्रेरित किया.
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