औरंगाबाद में बन रही रबर रोड, कम खर्च में मजबूत सड़क से लोगों को मिलेगी राहत

Aurangabad Naga Bigha Road: औरंगाबाद में नागा बिगहा रोड का निर्माण तेजी से चल रहा है. इस सड़क को आधुनिक मास्टिक तकनीक से तैयार किया जा रहा है. इससे यह ज्यादा मजबूत होगी. खास बात यह है कि कम लागत में यह काम पूरा हो रहा है.

Aurangabad Naga Bigha Road: औरंगाबाद शहर में नागा बिगहा रोड को अब नए और आधुनिक तरीके से बनाया जा रहा है. इस सड़क का काम तेजी से चल रहा है और इसे रबर रोड यानी मास्टिक तकनीक से तैयार किया जा रहा है. इस तकनीक से बनी सड़क ज्यादा मजबूत और टिकाऊ मानी जाती है. यह सड़क करीब 1100 मीटर लंबी और 14 फीट चौड़ी बनाई जा रही है.

कहां से कहां तक बनाया जा रहा

इसका निर्माण पुरानी जीटी रोड पर होटल जेके के पास से शुरू होकर नागा बिगहा होते हुए फिर से जीटी रोड तक किया जा रहा है. सड़क बनने के बाद आसपास के लोगों को आने-जाने में काफी सहूलियत मिलेगी और ट्रैफिक भी पहले से बेहतर होगा.

इस प्रोजेक्ट की खास बात यह है कि पहले इसकी लागत करीब 92 लाख रुपये आंकी गई थी, लेकिन टेंडर प्रक्रिया में कम रेट मिलने के कारण अब यह सड़क करीब 67 लाख रुपये में बन रही है. इससे विभाग को अच्छी-खासी बचत हो रही है.

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क्या बोले इंजीनियर

कम लागत में काम होने को लेकर कुछ लोगों ने गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं. लेकिन विभाग के इंजीनियरों का कहना है कि वे लगातार काम की निगरानी कर रहे हैं और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा.

सड़क के दोनों किनारों पर पेवर ब्लॉक भी लगाए जा रहे हैं. इससे पैदल चलने वाले लोगों को भी सुविधा मिलेगी. इससे सड़क न सिर्फ मजबूत होगी बल्कि देखने में भी अच्छी लगेगी.

स्थानीय लोगों ने सड़क निर्माण का स्वागत तो किया है, लेकिन जगह-जगह बने अवैध ब्रेकरों को लेकर नाराजगी जताई है. उनका कहना है कि अगर इन ब्रेकरों को नहीं हटाया गया तो नई सड़क का पूरा फायदा नहीं मिल पाएगा. लोगों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई करने की मांग की है.

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Published by: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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