हाइटेंशन तार की चिंगारी से लगी भीषण आग, 25 बीघा से अधिक गेहूं की फसल राख

शॉर्ट-सर्किट से 14 किसानों की साल भर की मेहनत स्वाहा

आधी रात मची तबाही़ सिंदुरिया गांव स्थित होटल के पास खेतों में बरपा आग का कहर

शॉर्ट-सर्किट से 14 किसानों की साल भर की मेहनत स्वाहा

दमकल ने घंटों मशक्कत के बाद आग पर पाया काबू

पीड़ित किसानों ने बिजली विभाग पर लगाया लापरवाही का आरोप, प्रशासन से की उचित मुआवजे की मांग

फोटो नंबर-4-खेत में लगी आगप्रतिनिधि, बारुण

स्थानीय थाना क्षेत्र के सिंदुरिया गांव स्थित परमराज होटल के समीप रविवार की आधी रात भीषण अगलगी की घटना घटी. सरकारी 33 हजार वोल्ट के हाइटेंशन तार से निकली चिंगारी ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और करीब 14 किसानों के 25 बीघा से अधिक खेत में लदी गेहूं की फसल को जलाकर राख कर दिया. इस हृदयविदारक घटना में अन्नदाताओं की साल भर की कड़ी मेहनत चंद घंटों में ही मलबे के ढेर में बदल गयी. घटना के संबंध में बताया जाता है कि रात करीब एक बजे जब पूरा गांव गहरी नींद में था, तभी खेतों के ऊपर से गुजर रहे हाइटेंशन तार में अचानक शॉर्ट-सर्किट हुआ. उससे निकली चिंगारियां सूखी फसलों पर गिरने लगीं. तेज हवा के झोंकों ने आग की लपटों को और हवा दी, जिससे आग ने भयावह रूप ले लिया. आसमान छूती लपटों को देखकर ग्रामीणों ने शोर मचाना शुरू किया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी और चीख-पुकार का माहौल बन गया. सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए अग्निशमन विभाग और बारुण थाना को जानकारी दी. मौके पर पहुंची दमकल टीम और ग्रामीणों ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया. हालांकि, तब तक किसानों का भारी नुकसान हो चुका था, लेकिन समय रहते की गयी कार्रवाई से आसपास के अन्य खेतों को बचा लिया गया.

इन किसानों की जली फसल

पीड़ित किसानों द्वारा अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी को दिये गये आवेदन के अनुसार, मस्तूल बारुण निवासी मिंटू कुमार सिंह, जगदीश सिंह, राम आशीष सिंह, धर्मेंद्र सिंह, बंटी सिंह, अभय सिंह, उपेंद्र सिंह, जितेंद्र सिंह, महेंद्र सिंह, अरुण सिंह, मनोज सिंह, राजेंद्र मेहता, अशोक मेहता, रामलायक सिंह और सिंदुरिया के रीता सिंह, सुषमा सिंह, रघुनी यादव, रामाधार सिंह व देवकी प्रजापति की फसल पूरी तरह नष्ट हो गयी है. घटना के बाद पीड़ित किसानों ने प्रशासन से मुआवजे की गुहार लगायी है. किसानों का स्पष्ट आरोप है कि यह हादसा बिजली विभाग की घोर लापरवाही का परिणाम है. आरोपित विभाग की शिथिलता के कारण किसानों की आजीविका पर संकट गहरा गया है, जिसकी भरपाई सरकार को अविलंब करनी चाहिए. क्षेत्र के जन प्रतिनिधियों ने भी इस नुकसान पर गहरा दुःख व्यक्त किया है. इसकी चर्चा पूरे क्षेत्र में की गयी है.

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Author: SUJIT KUMAR

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