Aurangabad News : शहर के न्यू एरिया निवासी एवं वर्तमान में राजस्थान एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) के आईजी आईपीएस विकास कुमार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) जोधपुर के 18वें स्थापना दिवस के अवसर पर संस्थान के सर्वोच्च 'एलुमनाई सम्मान' से सम्मानित किया गया. यह सम्मान उन्हें कानून-व्यवस्था, तकनीकी नवाचार, सामाजिक विकास और जनकल्याण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया गया.
सीडीएस और आईआईटी निदेशक ने किया सम्मानित
सम्मान समारोह में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि तथा आईआईटी जोधपुर के निदेशक प्रो. अविनाश कुमार अग्रवाल ने आईपीएस विकास कुमार को सम्मानित किया. यह पुरस्कार संस्थान के पूर्व छात्रों को दिया जाने वाला सबसे बड़ा और प्रतिष्ठित सम्मान माना जाता है.
आधुनिक पुलिसिंग और तकनीकी नवाचार के लिए मिली पहचान
आईपीएस विकास कुमार की प्रारंभिक शिक्षा औरंगाबाद के अनुग्रह इंटर स्कूल तथा तेतरहाट में हुई. इसके बाद उन्होंने अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर भारतीय पुलिस सेवा में स्थान बनाया. अपने प्रशासनिक कार्यकाल के दौरान उन्होंने अपराध नियंत्रण, तकनीक आधारित पुलिसिंग, जनसहभागिता और सामाजिक सरोकारों को बढ़ावा देने की दिशा में कई उल्लेखनीय पहल की हैं. वर्तमान में वे राजस्थान एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के आईजी के रूप में कार्यरत हैं और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुके हैं.
युवाओं के लिए बने प्रेरणा स्रोत
जिले के एक साधारण छात्र से देश के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी बनने और अपने ही संस्थान का सर्वोच्च एलुमनाई सम्मान प्राप्त करने तक का उनका सफर युवाओं के लिए प्रेरणादायक माना जा रहा है. उनकी इस उपलब्धि पर औरंगाबाद सहित पूरे बिहार में खुशी का माहौल है. विभिन्न सामाजिक और शैक्षणिक संगठनों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं.
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