Aurangabad News : औरंगाबाद डीएम अभिलाषा शर्मा के निर्देश पर जिले में अवैध खनन एवं खनन सामग्री के गैरकानूनी परिवहन के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है.
इसी क्रम में खान एवं भूतत्व विभाग की टीम ने बारुण और रिसियप थाना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए अवैध कोयला लदे चार ट्रकों को जब्त किया है. मौके से चार चालकों को गिरफ्तार किया गया है. जब्त वाहनों के मालिकों के विरुद्ध करीब 48 लाख रुपये का जुर्माना अधिरोपित किया गया है.
एनएच-19 पर कार्रवाई
कार्रवाई खान एवं भूतत्व विभाग के सहायक निदेशक विकास कुमार के निर्देश पर प्रशिक्षु जिला खनन पदाधिकारी अंकित कुमार के नेतृत्व में की गई. शुक्रवार को खान निरीक्षक कुमार प्रत्यूष के नेतृत्व में बारुण थाना क्षेत्र अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-19 पर वाहन जांच अभियान चलाया गया.
जांच के दौरान अवैध कोयला लदे दो ट्रकों को जब्त किया गया और दोनों चालकों को गिरफ्तार कर लिया गया. गिरफ्तार चालकों की पहचान झारखंड के लातेहार जिले के नगड़ा, बालूमाथ निवासी अनिल कुमार यादव एवं हेमपुर गांव निवासी उपेंद्र कुमार यादव के रूप में हुई है.
रिसियप में दो ट्रक जब्त
इधर, खान निरीक्षक मिथुन कुमार के नेतृत्व में रिसियप थाना क्षेत्र में वाहन जांच के दौरान अवैध कोयला लदे दो अन्य ट्रकों को पकड़ा गया. दोनों चालकों को गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तार चालकों की पहचान मदनपुर थाना क्षेत्र के झुकटियां गांव निवासी अवधेश लाल एवं कैमूर जिले के बंगड़ी गांव निवासी उपेंद्र कुमार के रूप में की गई है.
कागजात नहीं दिखा सके चालक
खान एवं भूतत्व विभाग के सहायक निदेशक विकास कुमार ने बताया कि जांच के दौरान सभी ट्रकों को रोककर कोयले के परिवहन से संबंधित आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया, लेकिन कोई भी चालक वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका.
पूछताछ के दौरान जानकारी सामने आई कि कोयला झारखंड की खदानों से अवैध तरीके से खनन कर बिहार लाया जा रहा था और इसे विभिन्न बाजारों में ऊंचे दाम पर बेचने की योजना थी.
48 लाख रुपये का जुर्माना
विभाग के अनुसार जब्त सभी वाहनों एवं गिरफ्तार चालकों को आवश्यक कानूनी एवं दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद संबंधित थानों को सुपुर्द कर दिया गया है. संबंधित वाहन मालिकों के विरुद्ध नियमानुसार करीब 48 लाख रुपये का जुर्माना अधिरोपित किया गया है.
प्रशिक्षु जिला खनन पदाधिकारी अंकित कुमार ने स्पष्ट किया कि बिना वैध कागजात के खनन सामग्री का परिवहन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा.
