औरंगाबाद के दाउदनगर में विशेष नामांकन अभियान पर जोर, गुरु गोष्ठी में प्रधानाध्यापकों को दिए गए निर्देश

Aurangabad News: औरंगाबाद के दाउदनगर में सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने और स्कूल से बाहर रह गए बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन कराने के लिए एक विशेष नामांकन अभियान की रणनीति पर गुरु गोष्ठी आयोजित की गई. शिक्षकों द्वारा घर-घर सर्वेक्षण कर बच्चों को शिक्षा के अधिकार से जोड़ने का लक्ष्य है.

Aurangabad News: औरंगाबाद जिले के दाउदनगर नगर पर्षद क्षेत्र स्थित अशोक इंटर विद्यालय में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सह कल्याण पदाधिकारी विकास कुमार की अध्यक्षता में प्रखंड के सभी प्रधानाध्यापकों की गुरु गोष्ठी आयोजित की गई. बैठक में प्रखंड लेखापाल अमरेश कुमार समेत शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी एवं विभिन्न प्राथमिक, मध्य और उच्च विद्यालयों के प्रधानाध्यापक मुख्य रूप से उपस्थित रहे.

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर मुख्य फोकस

बैठक का मुख्य उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में गुणात्मक शिक्षा को सुनिश्चित करना, विद्यालय से बाहर रह गए (आउट ऑफ स्कूल) बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन कराने के लिए विशेष नामांकन अभियान की ठोस रणनीति तैयार करना था. इसके साथ ही बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के निर्देशों के आलोक में इस विशेष अभियान के प्रभावी संचालन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए.

घर-घर जाकर करेंगे सर्वेक्षण

प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी विकास कुमार ने कहा कि प्रत्येक विद्यालय अपने चिन्हित पोषक क्षेत्र में अनिवार्य रूप से ऐसे बच्चों की पहचान करेगा, जो किसी कारणवश विद्यालय से बाहर हैं. इसके लिए शिक्षकों द्वारा घर-घर सर्वेक्षण और संपर्क अभियान चलाया जाएगा, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा के मौलिक अधिकार से वंचित न रहे. उन्होंने अभिभावकों से सीधा संवाद करने पर जोर दिया.

शिक्षकों से लिया गया फीडबैक

गोष्ठी में विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों से अभियान की व्यावहारिक तैयारियों को लेकर विस्तृत फीडबैक भी लिया गया. इस दौरान मध्य विद्यालय जमुआवां के प्रधानाध्यापक डॉ. मधेश्वर सिंह, मध्य विद्यालय अंछा के प्रधानाध्यापक राजीव रंजन सहित अन्य शिक्षकों ने अपने-अपने विद्यालयों की वर्तमान स्थिति, स्थानीय समस्याओं तथा सुधार के सुझावों से अधिकारियों को अवगत कराया.

समुदाय की भागीदारी है जरूरी

बीईओ ने निर्देश दिया कि विद्यालयवार नामांकन की नियमित समीक्षा की जाए तथा प्रगति प्रतिवेदन निर्धारित समय पर प्रखंड कार्यालय को उपलब्ध कराया जाए. उन्होंने कहा कि इस अभियान की पूर्ण सफलता में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, जीविका समूहों, अभिभावकों और समुदाय की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है. बैठक में बच्चों की नियमित उपस्थिति बढ़ाने और पठन-पाठन की व्यवस्था पर भी चर्चा हुई.

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Author: Om prakash

Published by: Vikash Jha

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