Aurangabad News : जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा की अध्यक्षता में शनिवार को 'सहयोग शिविर' में प्राप्त वादों के निष्पादन की प्रगति को लेकर समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई. बैठक में डीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी मामलों का शत-प्रतिशत और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित किया जाए. ऐसा नहीं होने पर संबंधित पदाधिकारी के विरुद्ध प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी.
पंचायत स्तर पर लगाए जा रहे हैं सहयोग शिविर
बैठक में बताया गया कि आम लोगों की शिकायतों और समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय मंगलवार को पंचायत स्तर पर 'सहयोग शिविर' आयोजित किए जा रहे हैं. इन शिविरों का उद्देश्य लोगों को स्थानीय स्तर पर ही प्रशासनिक सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराना और उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान करना है.
10 और 20 दिन से लंबित मामलों की होगी विशेष समीक्षा
जिलाधिकारी ने सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि शिविरों में प्राप्त सभी वादों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने विशेष रूप से ऐसे मामलों की नियमित समीक्षा करने को कहा, जिनका निपटारा 10 दिनों और 20 दिनों के भीतर नहीं हो सका है. डीएम ने निर्देश दिया कि सभी मामलों का अधिकतम 30 दिनों के भीतर शत-प्रतिशत निष्पादन हर हाल में सुनिश्चित किया जाए.
समय-सीमा पार होने पर देनी होगी जवाबदेही
बैठक में स्पष्ट किया गया कि यदि किसी स्तर पर 30 दिनों की निर्धारित अवधि के भीतर मामलों का निष्पादन नहीं होता है, तो संबंधित पदाधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा और आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी. इसके साथ ही जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि शिविर में प्राप्त सभी आवेदनों का शत-प्रतिशत निष्पादन सुनिश्चित किया जाए तथा संबंधित आवेदकों को उनके आवेदन की अद्यतन स्थिति की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए.
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह, उप विकास आयुक्त कुमारी अनुपम सिंह, जिला पंचायती राज पदाधिकारी इफ्तेखार अहमद, वरीय उपसमाहर्ता रितेश कुमार यादव, निदेशक डीआरडीए अनुपम कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे. वहीं सभी नोडल एवं सहयोगी पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए.
