मौनी अमावस्या पर भगवान सूर्य की पूजा से धन-समृद्धि में होती है वृद्धि

सूर्य मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, गर्भगृह से सूर्यदेव का दर्शन कर सके भक्त

सूर्य मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, गर्भगृह से सूर्यदेव का दर्शन कर सके भक्त भगवान सूर्य के जयकारे से मंदिर परिसर रहा गुंजायमान श्रद्धालुओं की भीड़ की वजह से देव की सड़कें रहीं जाम फोटो नंबर-4-पूजा-अर्चना करते श्रद्धालु प्रतिनिधि, देव. पौराणिक सूर्यनगरी देव स्थित सूर्य मंदिर में मौनी अमावस्या पर रविवार की सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. औरंगाबाद के अलावे राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भगवान की पूजा-अर्चना की. अधिक भीड़ होने के कारण श्रद्धालुओं के गर्भगृह के अंदर जाने पर रोक थी. श्रद्धालु भगवान सूर्य के गर्भगृह के बाहर से ही दर्शन कर रहे थे. भगवान सूर्य के जयकारे से मंदिर परिसर गुंजायमान रहा. न्यास समिति सचिव विश्वजीत राय, कोषाध्यक्ष सुधीर सिंह, सदस्य लक्ष्मण गुप्ता, योगेंद्र सिंह व चंदन यादव की ओर से मंदिर में रविवार की भीड़ को देखते हुए पहले से ही मंदिर में अलग व्यवस्था बनायी गयी थी. बताया कि सूर्य मंदिर के प्रति श्रद्धालुओं में अटूट आस्था और विश्वास है. मंदिर में प्रवेश मात्र से ही अनुभूति होती है कि मानों देवलोक का दर्शन कर रहे हैं. श्रद्धालु शुभ काम करने से पहले मंदिर में पूजा करने जरूर पहुंचते हैं. श्रद्धालु विधिवत पूजा-अर्चना करते हैं. ज्यादा भीड़ को देखते हुए श्रद्धालुओं को कतारबद्ध होकर गर्भगृह में दर्शन के लिए भेजा गया. ठंड को देखते हुए मंदिर में मैट बिछाया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को सहूलियत हो. बड़ी गाड़ियों को पूजा के लिए मंदिर से दूरी पर लगाया गया तथा छोटी गाड़ियों को मंदिर के बाहरी परिसर में पार्क कराया गया है. सुरक्षा तथा मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के सेवार्थ व सहयोग के लिए होमगार्ड जवान तथा महिला सिपाहियों को लगाया गया था. देव थाना की पुलिस की ओर से मंदिर के अंदर और बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम दिखे. पुजारी राजेश पाठक व मृत्युंजय पाठक, सुभाष पाठक ने बताया कि श्रद्धालुओं को विश्वास है कि मौनी अमावस्या के दिन स्नान, दान और सूर्य मंदिर में दर्शन करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन के कष्ट दूर होते हैं. इस दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर स्थानीय प्रशासन व ग्रामीणों की सक्रियता भी देखने को मिली. कुल मिलाकर पूरा क्षेत्र श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास से सराबोर नजर आया. मान्यता है कि माघ मास के रविवार को सूर्य देव की पूजा-अर्चना करने से स्वास्थ्य बेहतर होता है. धन और समृद्धि में वृद्धि होती है. इधर, भीड़ के कारण देव की सड़कें जाम हो गयीं. स्थानीय थाना की पुलिस को जाम हटाने में थोड़ी परेशानी भी हुई. सूर्य आराधना के लिए देव मंदिर विख्यात ज्ञात हो कि देव सूर्य मंदिर सूर्य आराधना के लिए पूरे देश में विख्यात है. यहां ब्रह्मा, विष्णु व महेश रूपी एकादश सूर्य है. वैसे यह मंदिर काफी पौराणिक है. चैत और कार्तिक मास में यहां छठ व्रत करने देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं. ऐसी मान्यता है कि तीन स्वरूपों में विराजमान भगवान के दर्शन मात्र से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.

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By SUJIT KUMAR

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