गोह सीएचसी में लापरवाही से प्रसूता महिला की मौत, परिजनों ने किया घंटों हंगामा

अस्पताल प्रबंधक, चिकित्सा पदाधिकारी और एएनएम पर कार्रवाई की उठी मांग

अस्पताल प्रबंधक, चिकित्सा पदाधिकारी और एएनएम पर कार्रवाई की उठी मांग

गोह. गोह प्रखंड की बक्सर पंचायत के शेखपुरा गांव निवासी अनिल बिंद की पत्नी सोनी कुमारी (30 वर्ष) की मौत प्रसव के दौरान गोह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हो गयी. वैसे मृतका बीस सूत्री सदस्या थी. मौत की खबर फैलते ही परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो उठे. उन्होंने अस्पताल में घंटों हंगामा किया और अस्पताल प्रबंधक, चिकित्सा पदाधिकारी व एएनएम पर कार्रवाई की मांग की. हंगामे की सूचना पर थानाध्यक्ष मो इरशाद दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद हंगामा शांत कराया. इधर, जानकारी मिली कि परिजन शव को लेकर गांव शेखपुरा पहुंच गये और वहां भी कई घंटों तक हंगामा किया. बाद में डायल 112 की पुलिस टीम और थानाध्यक्ष सूरज कुमार ने पहुंचकर परिजनों को समझाया इसके बाद वे अंतिम संस्कार कराने के लिए तैयार हुए.

एएनएम पर आशा ने लगाया थप्पड़ मारने का आरोप

अस्पताल की एक आशा ने आरोप लगाया कि प्रसव पीड़ा से कराह रही सोनी कुमारी के साथ ड्यूटी पर तैनात एएनएम ने मारपीट की. जब प्रसव के दौरान बच्चा का सिर शरीर से बाहर आ गया और पीड़िता दर्द से पीछे हट गयी तो एएनएम ने उसे थप्पड़ जड़ दिया. विरोध करने पर आशा को बाहर निकाल दिया गया. चर्चा है कि एएनएम जब प्रसव करा रही थी तो चिकित्सक कहा थे. हालांकि, आरोपित एएनएम ने कहा कि जानबूझकर हमलोग को फंसाने कि साजिश कि गयी है.

परिजनों का आरोप, मरने के बाद किया गया रेफर

गोह प्रखंड के शेखपुरा गांव निवासी अनिल बिंद की पत्नी सोनी देवी की मौत प्रसव के दौरान गोह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हो गयी. मृतका के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाया है कि अस्पताल प्रशासन ने मौत के बाद ही रेफर का पुर्जा थमाया. परिजनों का कहना है कि सोनी देवी को 14 अगस्त को प्रसव पीड़ा होने पर गोह अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन 15 अगस्त की सुबह डॉक्टर ने उन्हें रेफर करने का कागज थमा दिया. आरोप है कि मरीज की गंभीर हालत को देखते हुए अगर समय रहते रेफर किया जाता तो उसकी जान बच जाती. परिजनों और ग्रामीणों ने यह भी खुलासा किया कि गोह अस्पताल में जन्म प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर तीन सौ रुपये की वसूली की जाती है. पहले इस मामले का खुलासा होने के बावजूद चिकित्सा पदाधिकारी ने कार्रवाई नहीं की. ग्रामीणों का कहना है कि आज भी अस्पताल में खुलेआम पैसे लेकर जन्म प्रमाण पत्र बनाये जा रहे हैं.

घटना के वक्त न तो चिकित्सा पदाधिकारी मौजूद थे और न ही अस्पताल प्रबंधक

पंचायत समिति सदस्य प्रतिनिधि चंद्रकांत ऊर्फ झोकी यादव ने कहा कि घटना के वक्त न तो चिकित्सा पदाधिकारी मौजूद थे और न ही अस्पताल प्रबंधक. उन्होंने आरोप लगाया कि अगर स्वतंत्रता दिवस जैसे दिन अस्पताल में अधिकारी मौजूद नहीं रहे तो सामान्य दिनों में स्थिति का अंदाजा सहज लगाया जा सकता है. इधर, जानकारी मिली कि मृतका सोनी देवी बीस सूत्री समिति की सदस्य थीं. घटना की जानकारी मिलते ही जदयू प्रखंड अध्यक्ष ओमप्रकाश ऊर्फ कुंदन सिंह और बीडीओ राजेश कुमार दिनकर मौके पर पहुंचे. उन्होंने परिजनों को सांत्वना दी और सरकारी सहायता मुहैया कराने का भरोसा दिलाया. चिकित्सा पदाधिकारी शिवशंकर कुमार ने बताया कि मामले की जांच कर कार्रवाई की जायेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Sujit kumar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >