माघ मास व नववर्ष के पहले रविवार को त्रेतायुगीन सूर्य मंदिर में हजारों ने किया दर्शन-पूजन फोटो नंबर-5-पूजा-अर्चना करते श्रद्धालु प्रतिनिधि, देव. प्रसिद्ध सौर तीर्थस्थल देव स्थित त्रेतायुगीन सूर्य मंदिर धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है. कड़ाके की ठंड के बीच माघ मास और नववर्ष के पहले रविवार को हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान सूर्य का दर्शन-पूजन किया. सुबह के समय ठंड अधिक होने के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं देखी गयी. ज्ञात हो कि देव सूर्यमंदिर के गर्भगृह में भगवान सूर्य ब्रह्मा, विष्णु और महेश के स्वरूप में विराजमान हैं. मंदिर में स्थापित प्रतिमा अत्यंत प्राचीन और ऐतिहासिक महत्व की है. इधर, न्यास समिति के सचिव विश्वजीत राय, कोषाध्यक्ष सुधीर सिंह और सदस्य योगेंद्र सिंह ने बताया कि भगवान सूर्य के जन्मोत्सव अचला सप्तमी के अवसर पर सभी व्यवस्थाओं की बिंदुवार समीक्षा की गयी है. ठंड से श्रद्धालुओं को बचाने के लिए हर संभव उपाय किये गये हैं. श्रद्धालुओं की सुविधा व सेवा में न्यास समिति लगातार प्रयासरत है. वहीं, मंदिर के पुजारी राजेश पाठक, मृत्युंजय पाठक, सुभाष पाठक और अमित पाठक ने बताया कि सनातन धर्म में माघ माह को हिंदी महीनों में सबसे पावन माना जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार माघ माह भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है. इस माह में जप, तप और दान-पुण्य करने से उसका फल दोगुना मिलता है. माघ माह में विशेष रूप से भगवान विष्णु और सूर्य देव की पूजा की जाती है. उन्होंने बताया कि पूजा-पाठ और दान-पुण्य से साधक को उत्तम फल की प्राप्ति होती है. सूर्य मंदिर में सामान्य रूप से वर्ष भर देश के कोने-कोने से श्रद्धालु दर्शन और पूजा के लिए आते रहते हैं.
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