सवारियों से भरा ऑटो पलटा बाप-बेटे की मौके पर ही मौत

दुखद. नवीनगर कॉलेज मोड़ के पास शुक्रवार की रात सड़क हादसा सात लोग जख्मी, सदर अस्पताल में भरती नवीनगर से महुआधाम के लिए रिजर्व कराया था ऑटो औरंगाबाद (शहर) : नवीनगर कॉलेज मोड़ के पास शुक्रवार की रात सवारियों से भरा एक ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया. इस घटना में रोहतास जिले के करवंदिया थाना […]

दुखद. नवीनगर कॉलेज मोड़ के पास शुक्रवार की रात सड़क हादसा

सात लोग जख्मी, सदर अस्पताल में भरती
नवीनगर से महुआधाम के लिए रिजर्व कराया था ऑटो
औरंगाबाद (शहर) : नवीनगर कॉलेज मोड़ के पास शुक्रवार की रात सवारियों से भरा एक ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया. इस घटना में रोहतास जिले के करवंदिया थाना क्षेत्र के दवांगपुर के मुन्ना राम व उनके आठ वर्षीय बेटे शिवधन कुमार की मौत हो गयी. वहीं, अमृता देवी, रेशम देवी, माया देवी, शशि देवी, गिरजा कुंवर व दीपक कुमार सहित सात लोग जख्मी हो गये. सभी का इलाज औरंगाबाद के सदर अस्पताल में चल रहा है. घटना शुक्रवार की रात की है.
सभी घायल एक ही परिवार के बताये जाते हैं. शशि देवी के पति और बेटे की मौत हुई है. पता चला कि सभी कुटुंबा थाना क्षेत्र के भुतिया मेला के नाम से प्रसिद्ध महुआधाम जा रहे थे. जानकारी के अनुसार सभी रोहतास से ट्रेन में सवार होकर नवीनगर स्टेशन रोड उतरे. वहां से एक ऑटो मुआधाम के लिए रिजर्व किया.
कॉलेज मोड़ के पास अचानक ऑटो अनियंत्रित हो गया. इससें पिता-पुत्र की मौत घटनास्थल पर ही हो गयी,जबकि अन्य लोग जख्मी हो गये. कुछ लोगों के सहयोग से सभी को इलाज के लिए रेफरल अस्पताल ले जाया गया. प्राथमिक उपचार के बाद वहां के चिकित्सकों ने सदर अस्पताल रेफर कर दिया. इधर सदर अस्पताल में घायलों ने बताया कि ऑटो चालक शराब के नशे में था.
प्रत्येक साल महुआधाम जाते थे : विज्ञान के इस युग में आज भी समाज का एक तबका चमत्कार की उम्मीद करता है. अंधविश्वास इस कदर हावी है कि विज्ञान की तरक्की को भी चुनौती देते नजर आ रहे हैं. नवीनगर कॉलेज मोड़ के पास ऑटो दुर्घटना में मौत के शिकार हुए पिता-पुत्र व परिवार के अन्य सदस्य अंधविश्वास की जद में थे. चमत्कार की उम्मीद लिये सभी कुटुंबा प्रखंड के महुआधाम जा रहे थे. सदर अस्पताल में भरती घायलों ने कहा कि वे वर्षों से भूत-प्रेत से पीछा छुड़ाने महुआधाम जाते हैं.
एक साल का गैप हुआ तो पूरा परिवार भूत -प्रेत से परेशान हो गया. इसी कारण सभी महुआधाम जा रहे थे. दुर्घटना में अपने पति व बेटे को खो चुकीं शशि देवी की हालत बदतर हो गयी है. घंटों तक वह अस्पताल में बेहोश रहीं. जब होश आया, तो पति व बेटे की मौत की सूचना मिली. इसके बाद फिर सुध-बुध खो बैठीं. सदर अस्पताल परिजनों की चीत्कार से घंटो दहलता रहा.
घटना के बाद बिलखते परिजन.
,अस्पताल में भरती जख्मी

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