Aurangabad News : कुटुंबा थाने के करीब में स्थित पीपल के पेड़ की कटाई पर बवाल, लोगों ने जताया विरोध
Aurangabad News:समय रहते इस तरह की घटनाओं पर रोक नहीं लगायी गयी, तो आने वाले समय में इसका दुष्परिणाम
कुटुंबा. ऑक्सीजन देने वाले पीपल के पेड़ की धड़ल्ले से कटाई का मामला इन दिनों कुटुंबा पूरब बाजार में चर्चा का विषय बना है. जानकारी के अनुसार, कुटुंबा थाने से कस्तूरबा आवासीय विद्यालय पथ होते हुए पश्चिम बाजार जाने वाली सड़क के मोड़ पर स्थित एक विशाल पीपल का वृक्ष हाल ही में काटकर पूरी तरह धराशायी कर दिया गया. यह पेड़ न केवल राहगीरों को छाया प्रदान करता था, बल्कि स्थानीय पर्यावरण के लिए भी अत्यंत लाभकारी था. इसके बावजूद एक लकड़ी व्यवसायी द्वारा इसे काटकर गिरा दिया गया, जिससे स्थानीय लोगों में असंतोष है. चौंकाने वाली बात यह है कि यह स्थान थाने के बेहद करीब है, फिर भी किसी पुलिस अधिकारी को इसकी भनक तक नहीं लगी.
पेड़ को धारासायी करने लकड़ी माफिया को 12 साल लगे
मुख्य सड़क के किनारे के पीपल वृक्ष काटने का यह पहला मौका नहीं है. स्थानीय लोगो ने बताया कि वर्ष 2014 में भी एक व्यवसायी द्वारा पीपल के पेड़ की कटाई की जा रही थी, जिसकी सूचना मिलते ही तत्कालीन सीओ ठूईया उरांव हैरत में आकर इसका हस्तक्षेप किया था. उन्होंने आवेदन देकर कुटुंबा थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी थी, जिसके बाद कई लोगों की गिरफ्तारी भी हुई थी. उस घटना के बाद करीब 10 वर्षों में यह वृक्ष फिर से हरा-भरा हो गया था. लेकिन हाल के दिनों में एक बार फिर इसे हटाकर वहां व्यवसायिक प्रतिष्ठान बनाने की योजना के तहत इसकी टहनियों को काटा जाने लगा.
वन विभाग व अंचल कार्यालय के अधिकारियों को किया गुमराह
जब स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया, तो मौके पर पहुंचे वन विभाग के अधिकारियों को कथित तौर पर अंचल कार्यालय की फर्जी अनुमति दिखायी गयी. वहीं, जब अंचल कर्मी पहुंचे तो उन्हें वन विभाग की अनुमति बतायी गयी. इस तरह दोनों विभागों को गुमराह करने की कोशिश की गयी. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन थानाध्यक्ष अक्षयवर सिंह ने उक्त वृक्ष की कटाई पर रोक लगायी थी. इधर, हैरानी की बात है कि एक सप्ताह के भीतर ही पूरे वृक्ष को काटकर गिरा दिया गया. वर्तमान में लकड़ी व्यवसायी उस पेड़ की लकड़ी की ढुलाई में जुटे हैं. प्रशासन की चुप्पी इस पूरे मामले को और गंभीर बना रही है. स्थानीय लोग मूकदर्शक बने हुए हैं और पर्यावरण को हो रहे नुकसान को लेकर चिंतित है.
घटना में शामिल दोषी के आवश्यक कार्रवाई की जायेगी : सीओ
पर्यावरणविद्वो का कहना है कि यदि समय रहते इस तरह की घटनाओं पर रोक नहीं लगायी गयी, तो आने वाले समय में इसका दुष्परिणाम और भी भयावह हो सकता है. थानाध्यक्ष इमरान आलम ने बताया कि पीपल वृक्ष को काटना कानूनन अपराध है. दोषी व्यक्ति को चिह्नित कर कार्रवाई की जायेगी. वहीं, आरएफओ अविनाश कुमार ने बताया कि सड़क किनारे के पीपल का वृक्ष काटने का मामला संज्ञान में आया है. वन विभाग की टीम स्थिति से अवगत हो रही है. मामले में पेड़ काटने वाला के साथ-साथ लकड़ी माफिया के विरूद्ध सख्ती से कार्रवाई की जायेगी. इधर, सीओ मो अकबर हुसैन ने बताया कि कुटुंबा थाना मोड़ से बदरपुर तरफ जानेवाली पथ स्थित पश्चिम बाजार मोड़ के समीप पीपल वृक्ष का किसने काटा है इसका पत्ता लगाया जा रहा है. उक्त घटना में शामिल दोषी के आवश्यक कार्रवाई की जायेगी.