औरंगाबाद कार्यालय : शिवाबिगहा के हेडमास्टर की कुचल कर मौत

घर में चल रही थी बेटे का बर्थ-डे मनाने की तैयारी, मिठाई लेकर लौट रहे थे पिता औरंगाबाद कार्यालय : औरंगाबाद-डालटेनगंज रोड में शहर से सटे चतरा मोड़ के समीप एक ट्रक से कुचलकर शिवा बिगहा विद्यालय में पदस्थापित हेडमास्टर बाइक सवार देवेंद्र कुमार सिंह की मौत हो गयी. घटना गुरुवार की शाम करीब चार […]

घर में चल रही थी बेटे का बर्थ-डे मनाने की तैयारी, मिठाई लेकर लौट रहे थे पिता
औरंगाबाद कार्यालय : औरंगाबाद-डालटेनगंज रोड में शहर से सटे चतरा मोड़ के समीप एक ट्रक से कुचलकर शिवा बिगहा विद्यालय में पदस्थापित हेडमास्टर बाइक सवार देवेंद्र कुमार सिंह की मौत हो गयी. घटना गुरुवार की शाम करीब चार बजे की है. पता चला कि शिक्षक मदनपुर प्रखंड के बांसा बिगहा गांव के रहने वाले थे.
घटना से संबंधित मिली जानकारी के अनुसार वे किसी काम से पवई गांव की ओर गये थे. लौटने के दौरान चतरा मोड़ के समीप उनकी बाइक एक अन्य बाइक से टकरा गयी, जिसके बाद वे सड़क पर गिर गये. इसी क्रम में एक रफ्तार भरी ट्रक ने उन्हें कुचल दिया. जिससे घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गयी. इधर, घटना के विरोध में स्थानीय लोगों ने घटनास्थल पर ही सड़क जाम कर दिया.
कुछ देर बाद परिजन व गांव वाले भी पहुंच गये. जिसके बाद आक्रोश और बढ़ गयी. आक्रोशितों ने सड़क जाम कर मुआवजा के लिए हंगामा शुरू कर दिया. घटना की सूचना पर नगर व मुफस्सिल के थानाध्यक्ष, मदनपुर सीओ व अन्य पदाधिकारी पहुंचे तथा समझाने की कोशिश की, लेकिन आक्रोशित मुआवजे की मांग पर अड़े रहे. शाम साढ़े छह बजे के करीब एसडीओ डॉ प्रदीप कुमार और एसडीपीओ अनूप कुमार पहुंचे व लोगों को सरकारी सुविधा का लाभ दिलाने का आश्वासन दिया, लेकिन आक्रोशित चार लाख रुपये मुआवजे पर अड़े रहे. सूचना पर पहुंचे एमएलसी राजन सिंह, मुखिया संघ अध्यक्ष सुजीत सिंह, राजद नेता ई सुबोध सिंह, सरपंच संघ के संरक्षक रवींद्र कुमार सिंह सहित कई स्थानीय प्रतिनिधियों ने प्रशासनिक पदाधिकारियों के साथ अाक्रोशितों को समझा बुझा कर शांत कराया.
इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा. इधर, एनएच 139 महाजाम की भेंट चढ़ गया. सैकड़ों वाहनों की कतार लग गयी. चतरा मोड़ से लेकर ओवरब्रिज और अंबा तक वाहनों की कतार दिखी. पार्ट थर्ड का परीक्षा देकर लौट रहे विद्यार्थी व अन्य लोग जाम में फंसे रहे. यूं कहे कि बाइक व साइकिल चालक भी जाम के दौरान सड़क से नहीं गुजर सके.
तीन साल पहले पत्नी की भी हो चुकी है मौत
बांसा बिगहा गांव के शिक्षक देवेंद्र कुमार सिंह अपने तीन बच्चों स्वाति, शैली और छोटे बेटे हर्षराज उर्फ शानू के साथ औरंगाबाद शहर में ही रह रहे थे. पता चला कि तीन साल पहले देवेंद्र सिंह की पत्नी की भी मौत हो चुकी थी. गुरुवार की शाम शानू का बर्थडे मनाया जाना था और इसी की तैयारी में पिता और दो बहनें लगे थे. कुछ लोगों ने बताया कि जब पवई की ओर से देवेंद्र सिंह लौट रहे थे तो उनके पास एक मिठाई का डब्बा भी था. घटना के बाद तमाम खुशियां क्षण भर में नष्ट हो गयी.

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