ओडीएफ घोषित करने के लिए 17 पंचायतों का चयन

अरवल : जिला पदाधिकारी सतीश कुमार सिंह ने गुरुवार को समाहरणालय में जिले में चल रहे ओडीएफ अभियान की समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने कहा कि जिला में ओडीएफ घोषित करने के लिए कुल 17 पंचायतों का चयन किया गया है, जिसमें अरवल की तीन, करपी की पांच, कलेर की चार, कुर्था की दो और […]

अरवल : जिला पदाधिकारी सतीश कुमार सिंह ने गुरुवार को समाहरणालय में जिले में चल रहे ओडीएफ अभियान की समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने कहा कि जिला में ओडीएफ घोषित करने के लिए कुल 17 पंचायतों का चयन किया गया है, जिसमें अरवल की तीन, करपी की पांच, कलेर की चार, कुर्था की दो और वंशी की तीन पंचायत शामिल हैं. उन्होंने कहा कि खुले में शौच समाज के लिए गंभीर चुनौती है. इसे समाप्त करने के लिए सरकार ने अभियान चलाया है, जिसे सकार करना हम सबों का कर्तव्य है. इस कार्य को पूर्ण करने के लिए निरंतर काम करने की आवश्यकता है. जिन पदाधिकारी को जो जिम्मेदारी दी गयी है,

वह इसका ईमानदारी पूर्वक निर्वहन करें. जिला स्तर के जिम्मेदार पदाधिकारी अपनी निर्धारित पंचायत में सप्ताह में दो दिन जाएं और ओडीएफ कार्य की निगरानी करें. गांव में जाकर लोगों को प्रेरित करें और शौचालय से होने वाले लाभ के बारे में लघु फिल्म दिखाकर लोगों को समझाएं. डीएम ने कहा कि पूरे जिला को ओडीएफ घोषित करने में अब मात्र 200 दिन शेष बचे हैं. इसे ध्यान में रखते हुए अपना पूरा जोर लगा दें. दिल्ली से आये विशेष स्वच्छता दूत विजय शास्त्री ने बैठक में उपस्थित लोगों से कहा कि जब तक जनता में जागरूकता नहीं आयेगी तब तक यह अभियान सफल नहीं होगा. इसके लिए गांव-गांव में लोटा बहिष्कार सहित अन्य जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाये और लोगों को बताया जाये कि इससे कई भयंकर बीमारी हो सकती है. साथ ही खुले में शौच के दौरान मां-बहनों के साथ अप्रिय वारदात भी हो रही है. इससे बचने के लिए शौचालय निर्माण अति आवश्यक है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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