धरातल पर हो मनरेगा कार्य: डीएम मनरेगा कार्यों की समीक्षा की
अरवल : जिला पदाधिकारी सतीश कुमार सिंह की अध्यक्षता में समाहरणालय के सभाकक्ष में मनरेगा के कार्यों की समीक्षात्मक बैठक की गयी. बैठक के दौरान डीएम ने सभी उपस्थित पदाधिकारियों से परिचय पूछने के बाद मनरेगा के उद्देश्य के बारे में प्रोग्राम ऑफिसर से पूछा, लेकिन किसी ने भी संतोषजनक उत्तर नहीं दिया. इसके बाद […]
अरवल : जिला पदाधिकारी सतीश कुमार सिंह की अध्यक्षता में समाहरणालय के सभाकक्ष में मनरेगा के कार्यों की समीक्षात्मक बैठक की गयी. बैठक के दौरान डीएम ने सभी उपस्थित पदाधिकारियों से परिचय पूछने के बाद मनरेगा के उद्देश्य के बारे में प्रोग्राम ऑफिसर से पूछा, लेकिन किसी ने भी संतोषजनक उत्तर नहीं दिया. इसके बाद डीएम ने बताया कि रोजगार पैदा करना, रोजगार की गारंटी देना, पर्यावरण का संतुलन रखना प्रमुख उद्देश्य है.
उन्होंने बताया कि मैं कागज पर काम करने में विश्वास नहीं करता हूं . इसके लिए धरातल पर कार्य होना चाहिए. डीआरडीए के निर्देशक ने बताया कि ग्राम सभा से योजनाएं पारित होती हैं तथा प्राथमिकता के आधार पर कार्य कराया जाता है. इस दौरान डीडीसी ने बताया कि इसके लिए मास्टर रोल बनाया जाता है . वर्ष 2017-18 का मानव रोजगार 19 लाख 87 हजार 216 है, जिसमें से 12 लाख 69 हजार 283 रोजगार दिवस प्राप्त कर लिया गया है. इसके लिए मजदूरों और सामग्री में 34 करोड़ 18 लाख रुपये व्यय किये गये हैं. इस वित्तीय वर्ष में 9891 योजनाएं चयनित की गयी हैं, जिसमें से 4700 योजनाओं को पूर्ण करा लिया गया है.
डीएम ने जिले में वनरोपण के विस्तार के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा. उन्होंने कहा कि जिस जिले में जितना वनरोपण होगा, उस मद में उतना ही आवंटन होगा. इन्होंने मुखिया को भी पौधा लगाने को प्राथमिकता देने को कहा. डीएम ने कहा कि जल स्तर को बनाये रखने के लिए तालाब का निर्माण आवश्यक है. इससे मछली के साथ-साथ बेरोजगारों को रोजगार भी मिलेगा. इन्होंने कहा कि नीली क्रांति को सफल करने के लिए हर संभव प्रयास करें. तालाब खुदाई में जो मिट्टी निकलती है, उससे ईंट निर्माण कराने का उपयोग किया जायेगा, तो संबंधित पीओ पर प्राथमिकी दर्ज करने की बात कही. सभी मास्टर रॉल की जांच डीएम ने स्वयं करने की बात कही. बैठक में डीपीआरओ सत्येंद्र प्रसाद, कार्यपालक अभियंता, सभी पीओ के साथ-साथ सभी पदाधिकारी उपस्थित थे.