मुख्यमंत्री ने किया ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ का शुभारंभ जिलाधिकारी ने कहा विद्यार्थियों की शैक्षणिक समस्याओं के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने छात्र-छात्राओं की शैक्षणिक समस्याओं के समाधान के लिए 'विद्यार्थी सहयोग पोर्टल' का शुभारंभ किया है. यह पोर्टल विद्यार्थियों को अपनी समस्याओं और सुझावों को सीधे ऑनलाइन दर्ज कराने का एक प्रभावी मंच प्रदान करता है. इस पहल से शिक्षा व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है.

Viddhyarthi Sahyog Portal: राज्य के मेहनती एवं प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं की शैक्षणिक समस्याओं के त्वरित समाधान और शिक्षा व्यवस्था में निरंतर सुधार के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विद्यार्थी सहयोग पोर्टल का शुभारंभ किया. इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी शैक्षणिक समस्याओं और सुझावों को सीधे ऑनलाइन दर्ज कराने के लिए सुगम एवं प्रभावी मंच उपलब्ध कराया गया है. भोजपुर से जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े रहे.

विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान में मददगार होगा पोर्टल

इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यार्थी सहयोग पोर्टल विद्यार्थियों की समस्याओं को सुनने, उनके त्वरित एवं प्रभावी समाधान तथा शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधार के लिए विद्यार्थियों के सुझाव प्राप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है. उन्होंने कहा कि इससे विद्यार्थियों की समस्याओं को संबंधित स्तर तक पहुंचाने और उनके समाधान की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा.

वास्तविक छात्र-छात्राएं ही करा सकेंगे निबंधन

विद्यार्थी सहयोग पोर्टल पर संबंधित संस्थानों और छात्रावासों के वास्तविक छात्र-छात्राएं ही निबंधन करा सकेंगे. विद्यार्थी अपने संस्थान से संबंधित शैक्षणिक समस्याओं की शिकायत दर्ज कराने के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर अपने सुझाव भी दे सकेंगे.

इन शैक्षणिक संस्थानों को किया गया शामिल

पोर्टल के दायरे में विभिन्न सरकारी शैक्षणिक संस्थानों और छात्रावासों को शामिल किया गया है. इनमें विश्वविद्यालय, अंगीभूत महाविद्यालय, अभियंत्रण महाविद्यालय, चिकित्सा महाविद्यालय, पॉलिटेक्निक, आईटीआई, पैरा मेडिकल महाविद्यालय, नर्सिंग स्कूल और सिमुलतला आवासीय विद्यालय शामिल हैं.

इसके अलावा पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के छात्रावासों को भी पोर्टल से जोड़ा गया है. कस्तूरबा गांधी छात्रावास तथा समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित नेत्रहीन और मूकबधिर विद्यालय भी इसके दायरे में हैं.

कक्षा से लेकर परीक्षा और फीस तक की शिकायत

विद्यार्थी पोर्टल के माध्यम से कक्षाओं का समय पर संचालन नहीं होने, शिक्षकों और प्राध्यापकों के समय पर कक्षा में नहीं पहुंचने अथवा अनुपस्थित रहने की शिकायत दर्ज करा सकेंगे. परीक्षा का समय पर संचालन नहीं होना, परीक्षा परिणाम समय पर प्रकाशित नहीं होना, अनधिकृत शुल्क और फीस वसूली से संबंधित शिकायतें भी दर्ज की जा सकेंगी.

इसके अलावा कक्षाओं में बिजली एवं बैठने की व्यवस्था, प्रयोगशाला, पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई, कोचिंग व्यवस्था सहित अन्य शैक्षणिक और संस्थागत व्यवस्थाओं से जुड़ी समस्याएं भी पोर्टल पर दर्ज की जा सकेंगी.

शिक्षा व्यवस्था में सुधार के सुझाव भी दे सकेंगे छात्र

विद्यार्थी पोर्टल के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था में सुधार के संबंध में अपने सुझाव भी दे सकेंगे. प्राप्त शिकायतों और सुझावों को प्रशासनिक विभाग द्वारा समेकित किया जाएगा. ऐसे सुझाव जिन्हें उपलब्ध योजनाओं के तहत लागू किया जा सकता है, उन्हें निर्धारित अवधि में लागू किया जाएगा. वहीं अन्य सुझावों पर उच्चस्तरीय शिक्षा सुधार समिति विचार कर निर्णय लेगी.

यहां दर्ज करा सकेंगे शिकायत और सुझाव

विद्यार्थी अपनी शिकायत और सुझाव दर्ज कराने के लिए https://sahyog.bihar.gov.in/hss/ पोर्टल पर विजिट कर सकते हैं. पोर्टल के माध्यम से विद्यार्थियों की समस्याओं को सीधे प्रशासन तक पहुंचाने और उनके समयबद्ध समाधान की व्यवस्था की गयी है.

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By नरेद्र प्रसाद सिंह

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