ऑटो चालक के आत्मदाह के प्रयास मामले ने पकड़ा तूल, चालकों ने जाम की सड़क

जख्मी ऑटो चालक के सरकारी खर्च पर इलाज एवं डीटीओ पर कार्रवाई करने की मांग

आरा.

ऑनलाइन चालान काटने से नाराज ऑटो चालक द्वारा आत्मदाह करने के प्रयास का मामला तूल पकड़ने लगा है. घटना से आक्रोशित ऑटो चालकों ने रविवार की सुबह शहर के सिंडिकेट मोड पर हड़ताल कर रोड जाम कर दिया. रोड जाम के दौरान डीटीओ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गयी. उनके द्वारा पीड़ित ऑटो चालक का सरकारी खर्च पर इलाज करने एवं दोषी डीटीओ पर जिला प्रशासन से कार्रवाई करने की मांग की गयी. इसे लेकर करीब डेढ़ घंटे तक आवागमन बाधित रहा.

रोड जाम का नेतृत्व भाकपा (माले) नेता अमित कुमार बंटी एवं क्यामुद्दीन अंसारी ने किया. इधर, भाकपा (माले) नेता अमित कुमार बंटी ने कहा कि शनिवार को ऑनलाइन चालान काटने के कारण जिस तरीके से ऑटो चालक राजा कुमार द्वारा आत्मदाह का प्रयास किया गया. यह सीधे सरकार और डीटीओ की लापरवाही का नतीजा है. उन्होंने बताया कि उक्त ऑटो चालक राजा कुमार द्वारा एक सप्ताह पूर्व ही सात हजार रुपये का चालान का भुगतान किया गया था. वह गरीब है. उसने लोन पर ऑटो निकला है. एक सप्ताह बाद ही दोबारा उसका नौ हजार रुपये का चालान काट दिया गया. वे लोग ऑटो चलाकर अपने परिवार का भी भरण पोषण सही से नहीं कर पाते हैं. बार-बार उनका चालान कट जाता है, जिसके कारण उसने मजबूर होकर आत्महत्या करने का प्रयास किया है. उन्होंने डीटीओ पर लापरवाही बरतते हुए ऑटो चालक राजा कुमार का चालान काटने को लेकर उन पर कार्रवाई करने एवं सरकारी खर्च पर ऑटो चालक राजा कुमार का इलाज करने की मांग की है. बता दें कि टाउन थाना क्षेत्र के नाला मोड निवासी ऑटो चालक राजा कुमार का एक सप्ताह पूर्व सात हजार रुपये का डीटीओ के द्वारा चालान काटा गया था और सात फरवरी को दोबारा उसका नौ हजार रुपये का चालान काट दिया गया, जिससे नाराज होकर उसने शनिवार की शाम पुरानी पुलिस लाइन मोड पर अपना ऑटो खड़ा कर ऑटो से पेट्रोल निकाल खुद पर छिड़क कर आग लगाकर आत्मदाह का प्रयास किया. जिसके बाद वहां मौजूद चालकों द्वारा उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया था.

जिला प्रशासन ने कहा-एक बार 25 जनवरी को कटा है चालानऑटो चालक पर चार दिनों के भीतर दो बार चालान काटने, आत्मदाह के प्रयास मामले को जिला प्रशासन ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया है कि संबंधित ऑटो चालक के विरुद्ध केवल एक बार 25 जनवरी 2026 को वाहन जांच के दौरान विधिसम्मत कार्रवाई की गयी थी. जांच के दौरान वाहन का फिटनेस प्रमाण-पत्र एवं प्रदूषण प्रमाण-पत्र अवधि-समाप्त (एक्सपायर्ड) पाया गया. साथ ही चालक द्वारा वैध ड्राइविंग लाइसेंस भी प्रस्तुत नहीं किया गया. उक्त अनियमितताओं के कारण मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत कुल सात हजार रुपये का अर्थदंड किया गया था. इसके बाद या पूर्व में उक्त वाहन पर कोई भी अतिरिक्त चालान नहीं काटा गया है. डीटीओ के खिलाफ निकाला गया आक्रोश मार्चडीटीओ के खिलाफ रविवार की दोपहर आरा नगर में आक्रोश मार्च निकाला गया. मार्च क्रांति पार्क से निकला, जो नगर भ्रमण करते हुए स्टेशन पहुंच कर सभा में तब्दील हो गया. आक्रोश मार्च में सैकड़ों की संख्या में ऑटो चालक शामिल हुए.

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लेखक के बारे में

Author: DEVENDRA DUBEY

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