Nag Panchami: तरारी प्रखंड में नागपंचमी का त्योहार पारंपरिक उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया. इस अवसर पर प्रखंड क्षेत्र के सेदहा और विशम्भरपुर गांव स्थित नाग देवता के मंदिरों में विधिवत पूजा-अर्चना की गयी. सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी थी. लोगों ने नाग देवता को दूध और लावा चढ़ाकर परिवार की सुख-समृद्धि और कुशलता की कामना की.
तक्षक मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
विशम्भरपुर स्थित प्रसिद्ध तक्षक मंदिर में पुजारी उमेश्वर पांडेय की देखरेख में पूजा-अनुष्ठान कराया गया. इसमें विशम्भरपुर, ईमादपुर, पनवारी सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे.
नागपंचमी को लेकर मंदिर परिसर में दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही. बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने से यहां मेले जैसा माहौल देखने को मिला. मंदिर के पुजारी के अनुसार परंपरा के अनुसार श्रद्धालुओं ने नाग देवता को दूध और लावा चढ़ाया.
सपहा बाबा मंदिर में भी हुई विशेष पूजा
दूसरी ओर सेदहा गांव स्थित सपहा बाबा के मंदिर में भी परंपरा के अनुसार भव्य पूजा-अनुष्ठान का आयोजन किया गया. नाग देवता को चढ़ावा चढ़ाने के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु मंदिर पहुंचे.
नागपंचमी को लेकर सपहा बाबा मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था. मंदिर के आसपास श्रद्धालुओं की भीड़ और विभिन्न प्रकार की दुकानों के सजने से यहां मेले जैसा दृश्य बना रहा.
सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल हुए लोग
नागपंचमी के अवसर पर सपहा बाबा मंदिर परिसर में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया. इसमें स्थानीय लोगों ने उत्साह के साथ भाग लिया. कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर में काफी चहल-पहल रही.
सपहा बाबा के प्रति लोगों में गहरी आस्था
सपहा बाबा मंदिर के पुजारी के अनुसार मंदिर के प्रति आसपास के लोगों में गहरी आस्था है. नागपंचमी के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं और नाग देवता की प्रतिमा पर दूध व लावा चढ़ाकर अपनी और परिवार की कुशलता के लिए मन्नत मांगते हैं.
मंदिर की मान्यता को लेकर श्रद्धालुओं में वर्षों से आस्था बनी हुई है. नागपंचमी पर पूजा-अर्चना के साथ लोगों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन किया.
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