शाहपुर दियारा की लाइफ लाइन शाहपुर-कारनामेपुर सड़क पर वाहनों का आवागमन लगभग बंद, 2 फीट तक पानी, मुख्यालय से संपर्क टूटा

Shahpur-Karnamepur Road : शाहपुर दियारा क्षेत्र की जीवनरेखा मानी जाने वाली शाहपुर-कारनामेपुर सड़क पर बाढ़ का पानी चढ़ने से गंभीर संकट पैदा हो गया है. सड़क पर 1-2 फीट पानी जमा होने से प्रखंड मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह कट गया है, जिससे वाहनों का आवागमन लगभग बंद हो गया है. पशुपालक चारे के संकट से जूझ रहे हैं और गरीब परिवारों के आशियाने उजड़ रहे हैं.

Shahpur-Karnamepur Road : आरा के शाहपुर दियारा क्षेत्र की लाइफलाइन मानी जाने वाली शाहपुर-कारनामेपुर सड़क पर बाढ़ का पानी चढ़ने से हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं. सड़क पर पानी भरने के कारण दियारा क्षेत्र का प्रखंड मुख्यालय से संपर्क लगभग पूरी तरह कट गया है. वाहनों का आवागमन भी लगभग बंद हो चुका है.

भरौली पुल के पास सड़क पर एक से दो फीट पानी

भरौली पुल के समीप शाहपुर-कारनामेपुर सड़क पर करीब एक से दो फीट तक बाढ़ का पानी जमा है. पानी का बहाव और लगातार बढ़ता जलस्तर देखते हुए इस रास्ते से पैदल आना-जाना भी जोखिम भरा हो गया है. स्थानीय लोगों को जरूरी काम के लिए भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

चारे के संकट से जूझ रहे पशुपालक

बाढ़ का पानी बढ़ने के साथ अब पशुओं के हरे चारे का संकट भी गहराने लगा है. किसान और पशुपालक अपने मवेशियों के लिए चारा जुटाने में परेशान हैं. कई पशुपालक जान जोखिम में डालकर बाढ़ से घिरे खेतों से नाव के जरिए हरा चारा ला रहे हैं.

बाढ़ बढ़ने से उजड़ रहे गरीबों के आशियाने

लगातार बढ़ता बाढ़ का पानी दियारा क्षेत्र के गरीब परिवारों की मुश्किलें भी बढ़ा रहा है. कई स्थानों पर पानी घरों तक पहुंच गया है. बाढ़ की वजह से आशियाने छोड़ने वाले लोग लगातार विस्थापित हो रहे हैं और सुरक्षित स्थानों की तलाश में भटकने को मजबूर हैं.

ऊंचे स्थानों पर पशुओं के साथ ले रहे शरण

बाढ़ प्रभावित इलाकों में पशुपालक अपने मवेशियों को लेकर प्रखंड की विभिन्न पंचायतों में मौजूद ऊंचे टीलेनुमा स्थानों पर शरण ले रहे हैं. लोगों की सबसे बड़ी चिंता अपने परिवार के साथ-साथ पशुओं को सुरक्षित रखने और उनके लिए पर्याप्त चारे की व्यवस्था करने की है.

बढ़ते पानी ने बढ़ायी ग्रामीणों की चिंता

शाहपुर के दियारा इलाके में बाढ़ का पानी लगातार बढ़ने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ती जा रही है. सड़क संपर्क बाधित होने से आवागमन और जरूरी सामान की आवाजाही प्रभावित हुई है. वहीं, चारे के संकट और घरों से विस्थापन ने बाढ़ प्रभावित परिवारों की परेशानी और बढ़ा दी है.

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By मिथिलेश्वर प्रसाद सिन्हा

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