Shahpur MLA Rakesh Ranjan : भोजपुर के शाहपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक राकेश रंजन की हत्या की कथित साजिश का मामला सामने आया है. विधायक के आवेदन पर करनामेपुर थाने में नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है. FIR में भागलपुर केंद्रीय जेल के अधीक्षक राजीव कुमार झा समेत चार लोगों को नामजद किया गया है. विधायक का दावा है कि उन्हें डाक के जरिए मिले एक गुमनाम पत्र में हत्या की साजिश की जानकारी दी गई थी.
गुमनाम पत्र से सामने आया हत्या की साजिश का दावा
दरअसल, शाहपुर के भाजपा विधायक राकेश रंजन ने अपनी हत्या की आशंका जताते हुए करनामेपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है. विधायक के अनुसार, 8 जुलाई को उन्हें डाक के माध्यम से एक पत्र मिला था. पत्र में उनकी हत्या की कथित साजिश की जानकारी दी गई और उन्हें सतर्क रहने की हिदायत दी गई थी.
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भागलपुर जेल से साजिश रचे जाने का आरोप
विधायक की ओर से दर्ज प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि भागलपुर केंद्रीय जेल में उनकी हत्या की योजना बनाई जा रही थी. पत्र में कथित तौर पर हत्या की तैयारी पूरी होने और इसके लिए विस्फोटक सामग्री की व्यवस्था किए जाने की बात कही गई थी. पुलिस अब इन आरोपों की सत्यता की जांच कर रही है.
जेल अधीक्षक समेत चार लोग FIR में नामजद
करणामेपुर थाने में दर्ज प्राथमिकी में भागलपुर जेल अधीक्षक राजीव कुमार झा, जेल में बंद हरेश मिश्रा, कुबेर मिश्रा और लंबू शर्मा को नामजद किया गया है. इसके अलावा अन्य अज्ञात लोगों को भी आरोपित किया गया है. पुलिस प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों और नामजद लोगों की भूमिका की जांच कर रही है.
हरेश मिश्रा पहले से भागलपुर जेल में बंद
प्राथमिकी में नामजद हरेश मिश्रा भोजपुर के करनामेपुर थाना क्षेत्र के सोनवर्षा गांव का रहने वाला बताया गया है. वह विधायक राकेश रंजन के पिता और भाजपा के वरिष्ठ नेता रहे विश्वेश्वर ओझा की हत्या के मामले में अभियुक्त रहा है. इस मामले में उसे सजा भी हो चुकी है और वह फिलहाल भागलपुर जेल में बंद बताया गया है.
पत्र में ग्रेनेड और टाइम बम की बात
विधायक के आवेदन के मुताबिक, उन्हें मिले पत्र में हत्या की कथित साजिश के लिए ग्रेनेड और टाइम बम की व्यवस्था किए जाने का दावा किया गया था. पत्र में लंबू शर्मा के शूटर के जरिए विधायक को निशाना बनाने की कथित योजना का भी उल्लेख किया गया है. इन दावों की पुलिस स्तर पर जांच की जा रही है.
सुरक्षा को लेकर विधायक ने अधिकारियों को दी जानकारी
विधायक ने हत्या की आशंका को देखते हुए पुलिस अधीक्षक समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है. विधायक की शिकायत के बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है.
पुलिस ने कहा- पूरे मामले की जांच जारी
भोजपुर के पुलिस अधीक्षक राज ने बताया कि विधायक को डाक के जरिए एक गुमनाम पत्र मिला था. उसमें उनकी हत्या की साजिश किए जाने की बात कही गई थी. इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पूरे मामले की छानबीन की जा रही है.
हरेश मिश्रा के परिजनों ने आरोपों को बताया गलत
वहीं, हरेश मिश्रा के परिजनों ने विधायक की ओर से लगाए गए आरोपों को गलत बताया है. परिजनों ने इसे राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताया है. ऐसे में हत्या की कथित साजिश से जुड़े आरोपों की वास्तविकता पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी.
पिछले साल विधायक पर हुई थी फायरिंग
राकेश रंजन पर पहले भी जानलेवा हमला किए जाने की घटना सामने आ चुकी है. पिछले साल 16 अप्रैल को शाहपुर थाना क्षेत्र के भरौली के पास फायरिंग की गई थी. इस घटना में विधायक बाल-बाल बच गए थे. विधायक की ओर से इस मामले में हरेश मिश्रा के पिता और भाई समेत अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी.
2016 में हुई थी विधायक के पिता की हत्या
विधायक राकेश रंजन के पिता और भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष रहे विश्वेश्वर ओझा की फरवरी 2016 में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस मामले में हरेश मिश्रा और उसके भाई ब्रजेश मिश्रा समेत अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी. बाद में इस मामले में कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ी.
दोनों परिवारों के बीच पुरानी अदावत का जिक्र
बताया जा रहा है कि राकेश रंजन और हरेश मिश्रा के परिवार के बीच लंबे समय से विवाद और अदावत रही है. मौजूदा मामले में भी इसी पुरानी पृष्ठभूमि का जिक्र सामने आया है. हालांकि, हत्या की कथित साजिश में किसकी भूमिका है, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा.
अब पुलिस की जांच पर टिकी निगाहें
फिलहाल करनामेपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है. पुलिस गुमनाम पत्र की सत्यता, उसमें लगाए गए आरोपों, नामजद आरोपितों की भूमिका और कथित साजिश से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल करेगी.
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