Prashant Kishor: प्रशांत किशोर का बड़ा आरोप, बोले- चुनाव लड़ने से रोक रहे बाहुबली और माफिया

Prashant Kishor: प्रशांत किशोर का कहना है कि इलेक्शन कमिशन के रूल बुक के हिसाब से भले ही नागरिक बिहार का हो, लेकिन बिहार के किसी भी विधानसभा क्षेत्र में अगर मतदाता के तौर पर किसी इंसान का नाम रजिस्टर्ड नहीं हैं तो वो चुनाव नहीं लड़ सकता है ऐसा नियम पुरी तरह से गलत है.

Prashant Kishor: तरारी विधानसभा सीट से जन सुराज पार्टी के द्वारा उम्मीदवार बनाये गये सेना के अधिकारी जनरल एस के सिंह के उम्मीदवारी पर संकट उत्पन्न हो गया है. चुनाव आयोग के नियम के अनुसार विधान सभा चुनाव लड़ने के लिये उम्मीदवार का नाम उस राज्य के मतदाता सूची में होना चहिये. लेकिन जन सुराज के घोषित उम्मीदवार जनरल एस के सिंह का नाम नोयडा में मतदाता सुची में है इसलिए उनके उम्मीदवारी पर संकट उत्पन्न हो गया है. इसे लेकर सोमवार को भभुआ में प्रेसवार्ता वार्ता करते हुये जन सुराज के प्रशांत किशोर ने कहा कि बाहुबली और बालू माफिया जनरल एस के सिंह को चुनाव लडने से रोक रहे है.

यह पूरी तरह से गलत- प्रशांत किशोर

प्रशांत किशोर ने कहा कि लेफ्टिनेंट जनरल एस. के. सिंह. जो सेना में वाइस-चीफ रहे हैं, उनके मतदाता सूची में उनके नाम को लेकर जिला प्रशासन ने सवाल उठाया है. उनका कहना है कि इलेक्शन कमिशन के रूल बुक के हिसाब से भले ही नागरिक बिहार का हो, लेकिन बिहार के किसी भी विधानसभा क्षेत्र में अगर मतदाता के तौर पर किसी इंसान का नाम रजिस्टर्ड नहीं हैं तो वो चुनाव नहीं लड़ सकता है ऐसा नियम पुरी तरह से गलत है तरारी का जो लड़का देश की आर्मी में वाइस-चीफ बना, जिसने सेना को सियाचिन और ऑपरेशन पराक्रम में सेना का नेतृत्व किया, उसका तरारी में खुद की जमीन और खुद का निवास-स्थान होने के बावजूद, एक नियम बना कर कहा जा रहा है कि वह चुनाव लड़ने के योग्य नहीं हैं, क्योंकि उसका नाम वोटर लिस्ट में नहीं है, यह पूरी तरह से गलत है.

अगला फैसला कब लेंगे बताया

प्रशांत किशोर ने कहा कि एस. के. सिंह. का नाम वोटर लिस्ट में डालने के लिए फॉर्म 8A भरा गया है. यदि कोई इंसान व्यवस्था के खिलाफ खड़ा होगा तो वहाँ के बालू-माफिया जो हजारों-करोड़ रुपए लूट रहे हैं, वो अड़चन डालेंगे. तरारी से जनरल साहब वहाँ के भूमि और बालू माफ़ियों को उखाड़ कर जरूर फेकेंगे. अगर उनको नहीं भी लड़ने दिया तो जन सुराज से तरारी का कोई होनहार आदमी जरूर लड़ेगा. हमलोग अपनी लड़ाई लड़ रहे हैं, कल या परसों तक इलेक्शन कमिशन का निर्णय आ जाएगा उसके अनुसार हमलोग फैसला लेगें.

तेजस्वी यादव को चुनाव लड़ने की दी चुनौती

भभुआ के रिक्रीएशन क्लब में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में प्रशांत किशोर ने कैमूर से पूर्व उप-मुख्यमंत्री और राजद नेता तेजस्वी यादव को 13 नवंबर को रामगढ़ में होने वाले उप-चुनाव में रामगढ़ से चुनाव लड़ने की चुनौती दी. उन्होंने कहा अगर वह रामगढ़ से चुनाव लड़ते हैं तो प्रशांत किशोर स्वयं उनके सामने रामगढ़ से चुनाव लड़ेंगे. सुधाकर सिंह के द्वारा प्रशांत किशोर को रामगढ से चुनाव लड़ने की चुनौती देने के बात पर उक्त बातें प्रशांत किशोर ने कहा है. उन्होंने यह भी दावा किया है कि इस बार उप-चुनाव में जगदानंद सिंह के बेटे अजीत कुमार सिंह जो आरजेडी के रामगढ़ से उम्मीदवार है उनका जितना तो बहुत दूर की बात है , उन्हें इस चुनाव में दूसरा स्थान भी हासिल नहीं होगा. रामगढ़ से इस बार आरजेडी उम्मीदवार तीसरे या चौथे स्थान पर रहेंगे. हालांकि, रामगढ उपचुनाव में जन सुराज किस स्थान पर रहेगा इसे लेकर प्रशांत किशोर ने कुछ नहीं बोला.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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