Piro Padav Maidan ( संतोष कुमार ) : भोजपुर जिले के पीरो नगर के बीचोबीच अवस्थित ऐतिहासिक पड़ाव मैदान जो पीरो का एकमात्र खेल मैदान है, सरकारी उपेक्षा के कारण बदहाली के दौर से गुजर रहा है. कुछ वर्ष पूर्व इसे स्टेडियम का रूप देने के नाम पर लगभग 54 लाख रुपये खर्च किए गए तथा मैदान के समतलीकरण पर चौदह लाख रुपये भी बहाए गए, बावजूद इसके पड़ाव मैदान की सूरत नहीं बदल पाई है.
प्रशासनिक उपेक्षा और अतिक्रमण का बढ़ता दायरा
हद तो यह है कि प्रशासन की नाक के नीचे इस मैदान की जमीन पर चाहरदीवारी के अंदर भी अतिक्रमण का प्रयास किया जा रहा है. मैदान के एक छोर पर कुछ झोपड़ियां बना ली गई हैं, वहीं दूसरी ओर स्थानीय प्रशासन द्वारा जब्त किए गए वाहनों को मैदान के अंदर ही खड़ा कर दिया जाता है, जिससे खेलकूद की गतिविधियां पूरी तरह ठप हैं.
बरसात में जलभराव और टहलने में परेशानी
पीरो के ऐतिहासिक पड़ाव मैदान की दशा सुधारने को लेकर भले ही कई बार सरकारी राशि खर्च की गई हो, लेकिन आज भी इस मैदान में बारिश होते ही पानी भर जाता है. मैदान में पानी भर जाने के कारण खेल तो दूर की बात, सुबह-शाम यहां टहलने के लिए आने वाले आम लोगों को भी काफी फजीहत झेलनी पड़ती है.
खिलाड़ियों और स्थानीय लोगों की चिंताएं
स्थानीय फुटबॉलर मो खुर्शीद खान बताते हैं कि पड़ाव मैदान पीरो अनुमंडल मुख्यालय का एकमात्र खेल मैदान है और वे इसकी दशा सुधारने के लिए प्रशासन से गुहार लगाते थक चुके हैं.
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वहीं सामाजिक कार्यकर्ता मो गौहर खान ने कहा कि मैदान की बदतर स्थिति के कारण युवाओं के लिए खेलकूद की कोई जगह नहीं बची है और इसके अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा है.
नगर परिषद कार्यपालक पदाधिकारी का बयान
इस संबंध में नगर परिषद, पीरो की कार्यपालक पदाधिकारी सुश्री मेघा ने बताया कि पड़ाव मैदान अधिकृत रूप से नगर परिषद के जिम्मे नहीं है, और जब कोई कार्यक्रम आयोजित होते हैं तो नगर परिषद की ओर से जरूरी कार्य कराए जाते हैं.
यदि उक्त मैदान की अधिकृत जिम्मेवारी नगर परिषद को मिले, तब उसमें मिट्टी भराई, जल निकासी और अन्य सौंदर्यीकरण कार्य कराने में आसानी होगी.
