Arrah News: महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को अधिक सशक्त और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से प्रस्तावित महिलाओं की राजनीतिक पाठशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम को लेकर प्रबुद्ध एवं जागरूक महिलाओं की बैठक हुई. बैठक में महिलाओं को राजनीति में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करने, नेतृत्व क्षमता विकसित करने और लोकतांत्रिक व्यवस्था में उनकी भूमिका को मजबूत करने को लेकर विस्तार से चर्चा की गयी.
महिलाओं ने साझा किये अनुभव और सुझाव
बैठक में उपस्थित महिलाओं ने अपने अनुभव और सुझाव साझा किये. उन्होंने कहा कि समाज और राष्ट्र के विकास में महिलाओं की निर्णायक भूमिका है. ऐसे में महिलाओं को राजनीतिक और सामाजिक नेतृत्व के अधिक अवसर मिलना चाहिए. इसके लिए उन्हें उचित प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन उपलब्ध कराना जरूरी है.
प्रतिभाशाली महिलाओं को मिलेगा प्रशिक्षण और मार्गदर्शन
भाजपा बिहार की प्रदेश प्रवक्ता सह पूर्व विधायक डॉ उषा विद्यार्थी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महिलाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण है. महिलाओं को केवल राजनीति में भागीदारी तक सीमित नहीं रखना है, बल्कि उन्हें नेतृत्वकर्ता के रूप में आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रशिक्षण और मार्गदर्शन देना जरूरी है.
उन्होंने कहा कि महिलाओं की राजनीतिक पाठशाला के माध्यम से समाज की प्रतिभाशाली और इच्छुक महिलाओं को राजनीतिक प्रक्रिया, नेतृत्व कौशल, जनसेवा और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विभिन्न विषयों की जानकारी दी जायेगी. इसका उद्देश्य महिलाओं में राजनीतिक जागरूकता, नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास बढ़ाना है, ताकि वे समाज एवं राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा सकें.
अधिक से अधिक महिलाओं को जोड़ने का संकल्प
बैठक में महिलाओं की राजनीतिक पाठशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने और अधिक से अधिक महिलाओं को इससे जोड़ने का संकल्प लिया गया. बैठक में सीतल, शुशुमलता कुशवाहा, कृष्णा देवी, रूबी तिवारी, उषा चौबे, शालिनी सिंह, ममता सिंह, चुनी पांडे, मधु मिश्रा, करुणा कुमारी, पुष्पा सिंह कुशवाहा समेत कई जनप्रतिनिधि व प्रबुद्ध महिलाएं उपस्थित थीं.
