निर्माण के देवता भगवान विश्वकर्मा की पूजा भोजपुर जिले में धूमधाम व परंपरागत ढंग से की जा रही है. महान शिल्पकार भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना को पूरी आस्था, भक्ति व श्रद्धा के साथ प्रखंड क्षेत्र में मनाया जा रहा है. श्रद्धालुओं में पूजा के दौरान श्रद्धा एवं भक्ति का अद्भुत संगम दिखाई दे रहा है.
कई जगहों पर प्रतिमा रखकर हो रही है पूजा-अर्चना
नगर सहित जिले में कई जगहों पर प्रतिमा रखकर पूजा-अर्चना की जा रही है. नगर में काफी धूमधाम से बाबू बाजार, सत पहाड़ी, भलुहीपुर, जीरो माइल सहित एक दर्जन से अधिक जगहों पर प्रतिमा स्थापित कर पूजा की जा रही है.
काफी विधि-विधान से इन जगहों पर भक्तों ने भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना की. पूजा के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं. इन जगहों पर पुजारियों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा संपन्न कराई गई.
निर्माण कार्य और कारखानों में विशेष आराधना
निर्माण कार्य में लगे लोगों के द्वारा भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना की जा रही है. रेलवे लोको, विभिन्न वाहनों के पार्ट-पुर्जे वाली दुकानों, ग्रिल की दुकानों सहित अन्य छोटे-छोटे कल-कारखानों में भी भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना की जा रही है.
विश्वकर्मा पूजा को लेकर अस्त्र-शस्त्र व छोटे-बड़े लोहे के दुकानदार अपने-अपने प्रतिष्ठानों की साफ-सफाई कर विधि-विधान से वैदिक मंत्रों के साथ पूजा संपन्न कर रहे हैं.
घरों में वाहनों की सफाई कर की गई पूजा
उन सभी घरों में भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना की गई, जिन घरों में साइकिल, बाइक या अन्य वाहन मौजूद थे.
शहर के सभी घरों सहित ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों ने भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना की. सुबह से ही लोगों ने अपने-अपने वाहनों की साफ-सफाई की तथा प्रसाद और फूल-माला के साथ पूजा-अर्चना की.
