श्री जैन बाला विश्राम बालिका मध्य एवं उच्च +2 विद्यालय, धनुपरा में मंगलवार को विद्यालय की संस्थापिका आर्यिका रत्न चंदा मां श्री की 50वीं पुण्यतिथि एवं विद्यालय के 105वें वार्षिकोत्सव का आयोजन पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ किया गया. जैन समाज के मीडिया प्रभारी निलेश कुमार जैन ने बताया कि कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला शिक्षा पदाधिकारी मानवेंद्र कुमार राय ने की.
मुख्य अतिथि के रूप में बड़हरा के विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया. इस अवसर पर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी नाजिश अली, रोटरी क्लब ऑफ आरा के अध्यक्ष कृष्ण माधव अग्रवाल एवं वार्ड पार्षद प्रतिनिधि नीरज कुमार विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे.
सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और मेधावी छात्राओं का सम्मान
कार्यक्रम का शुभारंभ अभिषेक, पूजन और भक्तामर पाठ के साथ किया गया. इसके पश्चात श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई, जिसमें वक्ताओं ने आर्यिका रत्न चंदा माँ श्री के शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में किए गए कार्यों को याद किया.
इस दौरान विद्यालय की छात्राओं ने एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर सभी का मन मोह लिया. मौके पर मैट्रिक और इंटर की परीक्षाओं में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाली मेधावी छात्राओं को अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया और उन्हें पुरस्कार व प्रमाण पत्र प्रदान किए गए. साथ ही, विद्यालय परिसर में चित्रकला एवं शिल्प प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसकी सभी ने जमकर सराहना की. कार्यक्रम का समापन दोपहर में सामूहिक स्वल्पाहार के साथ हुआ.
वक्ताओं ने विद्यालय के योगदान और प्रबंध समिति की सराहना की
विद्यालय के अध्यक्ष अभय कुमार जैन ने कहा कि "मां श्री का सपना था कि हर बेटी शिक्षित हो, और आज विद्यालय उसी सपने को पूरी तरह साकार कर रहा है."
संचालिका सुलोचना जैन एवं प्रभारी प्राचार्या डॉ. माया गुप्ता ने सभी अतिथियों एवं अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त किया. कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के सचिव प्रशांत कुमार जैन का विशेष योगदान रहा. उनके दूरदर्शी नेतृत्व, संगठन क्षमता और निरंतर परिश्रम से विद्यालय ने शिक्षा, अनुशासन और सामाजिक उत्कृष्टता के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल की हैं.
उनके मार्गदर्शन में यह संस्थान जिले का एक आदर्श शिक्षण संस्थान बनकर उभरा है. इस पुण्य कार्य में संयुक्त सचिव विभोर जैन, व्यवस्थापक गुलाबचंद जैन, संयोजक मोनू कुमार जैन एवं प्रधानाध्यापक ज्ञानचंद जैन का भी सराहनीय सहयोग रहा.
