Food License Scam Exposed in Koilwar : कोईलवर नगर पंचायत में इन दिनों फूड लाइसेंस ट्रेनिंग के नाम पर दुकानदारों से अवैध वसूली का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है. मिठाई, नाश्ता और अन्य खाद्य सामग्री बेचने वाले छोटे दुकानदारों को निशाना बनाकर एक शख्स उनसे पैसे ऐंठ रहा था. हालांकि एक दुकानदार की सूझबूझ और सवालों के चलते इस पूरे फर्जी खेल का पर्दाफाश हो गया.
जानकारी के अनुसार आरोपी की पहचान अजय कुमार उर्फ गुड्डी के रूप में हुई है, जो मुफस्सिल थाना क्षेत्र के जमीरा गांव का निवासी बताया जा रहा है. वह पिछले दो दिनों से बाजार में घूम-घूमकर खुद को फूड लाइसेंस से जुड़ा कोऑर्डिनेटर बता रहा था और दुकानदारों से पैसे वसूल रहा था.
Fraud : 826 रुपये लेकर काट रहा था रसीद
स्थानीय दुकानदारों रौशन, चंदन और आशीष सिंह ने बताया कि आरोपी हर दुकानदार से 826 रुपये की रकम ले रहा था. पैसे लेने के बाद वह बाकायदा रसीद भी दे रहा था, जिससे लोगों को शुरुआत में शक नहीं हुआ. वह यह भी दावा कर रहा था कि इस पूरी प्रक्रिया की जानकारी बीडीओ, ईओ और थाना को दे दी गई है, जिससे दुकानदारों का भरोसा और बढ़ गया.
धीरे-धीरे कई दुकानदार उसके झांसे में आकर पैसे दे चुके थे. लेकिन इसी बीच एक दुकानदार ने उससे ट्रेनिंग से जुड़ी विस्तृत जानकारी, विभागीय आदेश और अधिकृत संस्था के बारे में पूछ लिया. आरोपी संतोषजनक जवाब नहीं दे सका, जिससे शक गहराने लगा.
Arrah News : सवालों के बीच खुल गया पूरा खेल
जैसे ही आरोपी जवाब देने में हिचकिचाने लगा, दुकानदारों ने उसे घेर लिया और सख्ती से पूछताछ शुरू कर दी. इसी दौरान पूरे मामले का खुलासा हो गया कि यह सब एक सुनियोजित ठगी थी. आरोपी के पास किसी भी प्रकार का आधिकारिक आदेश या पहचान नहीं थी.
मामले की जानकारी जब संबंधित अधिकारियों तक पहुंची तो उन्होंने साफ कर दिया कि विभाग की ओर से ऐसी किसी भी ट्रेनिंग या वसूली का कोई निर्देश जारी नहीं किया गया है. अधिकारियों ने इसे ठगी का नया तरीका बताते हुए दुकानदारों से सावधान रहने की अपील की.
पकड़कर वापस कराए पैसे
फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद दुकानदारों ने आरोपी को पकड़ लिया. काफी देर तक उसे बंधक बनाकर रखा गया और उससे वसूली गई रकम वापस करने को कहा गया. दबाव में आकर आरोपी ने सभी दुकानदारों के पैसे लौटाने की बात मान ली.
दुकानदारों ने उससे वसूली गई राशि वापस करा ली, जिसके बाद उसे छोड़ दिया गया. हालांकि इस दौरान पुलिस को औपचारिक रूप से सूचना देने की बात सामने नहीं आई.
प्रशासन ने दी चेतावनी
इस घटना के बाद प्रशासन ने साफ तौर पर कहा है कि किसी भी तरह की फीस या ट्रेनिंग के नाम पर पैसा देने से पहले संबंधित विभाग से पुष्टि जरूर करें. खासकर छोटे दुकानदारों को ऐसे झांसे से बचने की सलाह दी गई है.
