आरा. जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया के निर्देशानुसार राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत 10 फरवरी से शुरू होने वाले फाइलेरिया सर्वजन दवा सेवन एमडीए अभियान को सफल बनाने के लिए जिला समन्वय समिति की बैठक समाहरणालय सभागार में की गयी. बैठक की अध्यक्षता सिविल सर्जन ने की. बैठक के दौरान कार्यक्रम की रूपरेखा, विभागीय जिम्मेदारियों और जन जागरूकता से जुड़े बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गयी. सिविल सर्जन डॉ शिवेंद्र कुमार सिन्हा ने बताया कि फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी के उन्मूलन के लिए एमडीए कार्यक्रम अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने कहा कि 10 फरवरी से पूरे जिले में अभियान की शुरुआत की जायेगी, जिसमें सभी विभागों का सक्रिय सहयोग जरूरी है. एसीएमओ सह डॉ संजय कुमार सिन्हा ने सभी विभागों से अपील की कि वे अपने-अपने स्तर से लोगों को जागरूक करें और अधिक से अधिक नागरिकों को दवा सेवन के लिए प्रेरित करें. बैठक में फाइलेरिया रोग, इसके दुष्प्रभाव और रोकथाम के उपायों की भी विस्तृत जानकारी दी गयी. बताया गया कि फाइलेरिया सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम 10 फरवरी से 26 फरवरी तक जिले के सभी 14 प्रखंडों और आरा शहरी क्षेत्र में संचालित किया जायेगा. कार्यक्रम के पहले 14 दिनों में आशा घर-घर जाकर लोगों को दवा खिलायेंगी. इसके बाद शेष तीन दिनों में सार्वजनिक स्थलों, विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, अपार्टमेंट और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर बूथ लगाकर दवा का वितरण किया जायेगा. यह भी स्पष्ट किया गया कि दो वर्ष से कम आयु के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और अत्यधिक बीमार व्यक्तियों को यह दवा नहीं दी जायेगी. बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया. इस अवसर पर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी एसएसए, अन्य संबंधित पदाधिकारी और सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे.
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