Overloaded Trucks: बिहिया-बिहटा स्टेट हाइवे-102 पर बिहिया नगर स्थित रेल ओवरब्रिज (आरओबी) की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है. आरओबी के दोनों छोरों पर लगे बैरियर टूट जाने के बाद भारी वाहनों का परिचालन शुरू हो गया है. रोजाना सैकड़ों ओवरलोडेड ट्रकों के गुजरने से आरओबी पर दबाव बढ़ गया है. स्थानीय लोगों ने इसे गंभीर खतरा बताते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है.
ट्रक की टक्कर से दोनों बैरियर ध्वस्त
बताया जाता है कि आरओबी के दक्षिणी छोर पर लगा बैरियर कुछ दिन पहले एक ट्रक की टक्कर से टूट गया था. इसके बाद शुक्रवार की अहले सुबह उत्तरी छोर का बैरियर भी एक ट्रक की टक्कर से ध्वस्त हो गया. दोनों बैरियर टूटने के बाद सुबह से देर रात तक बालू लदे ओवरलोडेड ट्रकों का आवागमन शुरू हो गया.
स्थानीय लोगों के अनुसार, बैरियर टूटने के बाद बड़ी संख्या में भारी वाहन आरओबी से होकर गुजर रहे हैं. इससे कभी भी कोई बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है.
दरार के बाद एक साल से बंद है भारी वाहनों का प्रवेश
गौरतलब है कि करीब एक वर्ष पूर्व आरओबी के सुपर स्ट्रक्चर में दरार आने के बाद रेल प्रशासन ने दोनों छोरों पर बैरियर लगाकर भारी वाहनों का प्रवेश रोक दिया था. इसके बाद आरओबी से केवल छोटी गाड़ियों का परिचालन हो रहा था.
शुरुआत में हल्के लोहे के बैरियर लगाए गए थे, जिन्हें भारी वाहनों ने टक्कर मारकर क्षतिग्रस्त कर दिया. इसके बाद रेलवे की ओर से भारी-भरकम लोहे के खंभे लगाकर बैरियर को मजबूत किया गया था.
आरओबी से भारी वाहनों का परिचालन बंद होने के कारण इन वाहनों का दबाव आसपास की ग्रामीण सड़कों पर बढ़ गया. इससे कई ग्रामीण सड़कें जर्जर हो गयी हैं.
एक माह में आधा दर्जन बार बैरियर से टकराए वाहन
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मजबूत बैरियर लगाए जाने के बावजूद पिछले एक माह में करीब आधा दर्जन बार भारी वाहनों ने बैरियर में जोरदार टक्कर मारी है. इन घटनाओं में कई ट्रक क्षतिग्रस्त हुए हैं. कुछ घटनाओं में चालक और खलासी को भी मामूली चोटें आयीं.
पुलिस ने बैरियर से टकराकर क्षतिग्रस्त हुए दो ट्रकों को जब्त किया है. साथ ही वाहन मालिकों और चालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किये जाने की बात भी सामने आयी है.
बैरियर टूटने के बाद बेरोकटोक चल रहे भारी वाहन
दोनों बैरियर टूटने के बाद आरओबी पर भारी वाहनों का परिचालन एक बार फिर बेरोकटोक शुरू हो गया है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि आरओबी की मरम्मत का काम काफी धीमी गति से चल रहा है. लोगों का कहना है कि भारी वाहनों का प्रवेश रोकने के लिए बैरियर लगाए जाने के बावजूद करीब एक वर्ष बीतने के बाद भी आरओबी की मरम्मत पूरी नहीं हो सकी है.
अविलंब मरम्मत पूरी कराने की मांग
स्थानीय लोगों ने रेल प्रशासन से आरओबी की मरम्मत का काम जल्द पूरा कराने और दोनों छोरों पर मजबूत बैरियर लगाने की मांग की है. लोगों का कहना है कि जब तक आरओबी को तकनीकी रूप से सुरक्षित घोषित नहीं किया जाता, तब तक भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रभावी रोक जरूरी है. सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही से किसी बड़े हादसे की स्थिति पैदा हो सकती है.
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